संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली स्टेडियम में इंडोर-आउटडोर खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 90 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है, पर सवा दो साल में परियोजना कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई। चूंकि खेल व अन्य विभाग औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई हैं। आलम ये है कि परिसर घास और झाड़ियां उग आई है। वहीं बारिश के बाद जलभराव के हालात हैं। इससे सुबह शाम अभ्यास के लिए आने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनवरी-2023 में गणतंत्र दिवस पर पूर्व सीएम मनोहरलाल खट्टर ने तेजली खेल स्टेडियम में 90 करोड़ रुपये से इंडोर आउटडोर गेम्स की सुविधाओं पर खर्च करने की घोषणा की थी। इसके तहत 50 एकड़ में फैले तेजली खेल परिसर में पहले चरण में जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग जैसी इंडोर खेलों की सुविधाएं मुहैया कराएगा। ऐसे ही दूसरे चरण में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों की सुविधाएं दी जाएंगी।
घोषणा को अमलीजामा पहनाने के साथ इसके काम सिरे चढ़ाने के लिए खेल व अन्य विभाग के अफसर औपचारिकताएं पूरी करने में लगे हैं। इसमें सवा दो साल से घोषणा का काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके विपरित तेजली खेल परिसर में बने अधिकांश खेल के मैदान व अन्य खुले स्थान पर कई इंच ऊंची घास और एक से डेढ़ फीट ऊंचे झाड़ियां हैं।
साथ ही वीरावर की रात हुई बारिश से कई जगह जलभराव भी हुआ। इससे यहां अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियाें को परेशानी हो रही है। खिलाड़ी सन्नी, राघव, बलिंद्र ने कहा कि स्टेडियम में घास-झाड़ व गंदगी से मक्खी-मच्छर हो रहे हैं। इससे मलेरिया, डेंगू व अन्य बीमारी का खतरा है, इसलिए उनकी मांग है कि स्टेडियम में फैली गंदगी सहित घास-झाड़ साफ किए जााएं।
तेजली खेल परिसर में लगातार सफाई व्यवस्था को बनाने रखने का प्रयास है। जहां काम बाकी है, वहां भी कराया जाएगा। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।