संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सड़क सुरक्षा के लिए लगातार बैठकें हो रही हैं। योजनाएं बनाई जा रही हैं और अधिकारियों की ओर से सुधार के दावे भी किए जा रहे हैं। वहीं सड़क हादसों के आंकड़े इन दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। वर्ष 2026 के पहले साढ़े माह में जिले में 72 हादसे हुए, जिनमें 82 लोगों की मौत हो गई और 75 लोग घायल हुए।
स्थिति यह है कि सड़क सुरक्षा समिति की हर बैठक में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए योजनाओं पर चर्चा होती है। लेकिन जब भी अधिकारियों से सुधार कार्यों की प्रगति पूछी जाती है तो जवाब लगभग एक जैसा होता है, कहीं एस्टीमेट तैयार है तो कहीं टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगले महीने होने वाली बैठक में भी चर्चा वहीं से शुरू होकर वहीं समाप्त हो जाती है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर लगाए गए अधिकांश ट्रैफिक सिग्नल या तो बंद पड़े हैं या फिर ठीक से काम नहीं कर रहे। कई स्थानों पर रेड लाइट तो जलती है, लेकिन ग्रीन लाइट बंद रहती है। कई सिग्नलों पर टाइमर भी नहीं हैं। इससे वाहन चालकों को यह समझ नहीं आता कि कब रुकना है और कब आगे बढ़ना है। जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति में लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सड़कों से एक फीट तक नीचे हैं बरम
सड़कों की खराब स्थिति भी हादसों का बड़ा कारण बन रही है। जिले के कई मार्गों पर सड़क के किनारे बने बरम सड़क की सतह से एक फीट तक नीचे हैं। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे बाइपास, जगाधरी-अंबाला मार्ग, व्यासपुर-प्रतापनगर रोड, जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे और जठलाना रोड पर यह समस्या गंभीर बनी हुई है। तेज गति से चल रहे वाहन जब अचानक सड़क से नीचे उतरते हैं तो चालक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
अवैध कट बन रहे हादसे का सबब
सड़कों पर बड़ी संख्या में अवैध कट बनाए गए हैं। कई जगह लोगों ने डिवाइडरों को तोड़कर दोपहिया वाहनों के निकलने के रास्ते बना लिए हैं। इन कटों से अचानक सड़क पर आने वाले वाहन अन्य चालकों के लिए खतरा बन गए हैं। जिले की सड़कों पर संकेतक और सूचना बोर्डों की कमी भी चिंता का विषय है। रात के समय यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। वहीं सड़कों पर कैटआई, सेंटर लाइन की कमी, किनारों पर उगी झाड़ियां और सड़क पर झुकी पेड़ों की टहनियां भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं।
सड़क हादसों पर शुक्रवार को बैठक होनी थी, जिसे स्थगित करना पड़ा। अगली बैठक में संबंधित अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा कि उन्हें जो काम सौंपा गया था वह उन्होंने किया या नहीं। - गुरप्रीत संधू, एडीटीओ, यमुनानगर।
गोविंदपुरी रोड पर टूटा डिवाइडर। संवाद
गोविंदपुरी रोड पर टूटा डिवाइडर। संवाद