संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मॉडल टाउन के दशहरा ग्राउंड में इस बार विजय दशमी पर 70 फीट ऊंचे दशानन का पुतले का दहन किया जाएगा। दशानन सहित कुंभकरण व मेघनाद के पुतले मॉडल टाउन के श्री सनातन धर्म मंदिर में तैयार हो रहे हैं, जिन्हें मंदिर सभा की ओर से मॉडल कॉलोनी के मनचंदा परिवार द्वारा बनवाया जा रहा हैं।
मनचंदा परिवार की यह तीसरी पीढ़ी है, जो रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतले तैयार कर रही है। परिवार की लगातार तीसरी पीढ़ी पूर्वजों से मिली पुतले बनाने की कला को बरकरार रखे हुए हैं। परिवार के महेंद्र मनचंदा व उनका परिवार इस बार 70 फीट के दशानन व 65-65 फीट के कुंभकरण व मेघनाद के पुतले तैयार कर रहे हैं। जिनका इस बार विजय दशमी पर 12 अक्तूबर को मॉडल टाउन के दशहरा ग्राउंड में दहन होगा।
मनचंदा परिवार के पूर्वज पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में विजयदशमी के मौके पर पुतले बनाने का कार्य करते थे। इसी परिवार से मॉडल कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि वह 50 वर्षों रावण का पुतला बनाते आ रहे हैं। उनके चाचा विश्वनाथ पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में पुतले बनाने का ही कार्य करते थे। उनको यह कला विरासत में मिली।
अब वे स्वयं, उनके बेटे पंकज मनचंदा और भतीजा इस कला बरकरार रखने का प्रयास कर रहे हैं। यह उनकी तीसरी पीढ़ी है, जो लगातार विजय दशमी के अवसर पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बना रही है। महेंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि वर्ष-2006 में विजयदशमी पर विदेशी पर्यटक भी उनकी इस कलाकृति को देखने के लिए आए थे।
तब विदेशी पर्यटकों ने उनकी कला को सराहा और पुतलाें को बनाने की विधि को जाना। आज भी उनको हर वर्ष आसपास के जिलों से सहित दूसरे प्रदेशाें से भी पुतले बनाने की पेशकश आती है, लेकिन वे भारी-भरकम पेशकश से समझौता कभी नहीं करेंगे। उनकी केवल यही ख्वाहिश है कि इस कला को जीवित रख अगली पीढ़ी को इसे सुरक्षित सौंप दिया जाए।