सरस्वती नगर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डिप्लोमा धारक एवं नव चयनित 668 कला अध्यापकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट में दायर पांचों पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर 20 मई तक जवाब देने को कहा है।
मामले की जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता सुखदेव सुखदासपुर ने बताया की कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने विषय विशेषज्ञों की कमेटी बिठाकर आर्ट एंड क्रॉफ्ट डिप्लोमा को रेगुलर के समकक्ष और कला अध्यापक के पद पर नियुक्ति एवं उच्च शिक्षा के लिए मान्य किया है। इसी डिप्लोमा के आधार पर 700 अभ्यर्थियों ने लगभग 11 साल तक कला अध्यापक के पद पर कार्य किया है।
यही नहीं याचिका में बताया गया है कि इस डिप्लोमा के आधार पर देश के अन्य राज्यों में भी कला अध्यापक अपनी सेवाएं दे रहे हैं व केंद्रीय विद्यालय में भी कला शिक्षक कार्यरत हैं। कैटेगिरी 6/2006 में चयनित 816 कला अध्यापकों में से 668 अभ्यर्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हैं, जिन्होंने एसएस बोर्ड द्वारा निर्धारित परीक्षा में मेरिट के आधार पर नियुक्ति पाई है। मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।