यमुनानगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत जिन किसानों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है उनके आधार कार्ड व ई-केवाईसी को अब गांव में ही अपडेट किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यमुनानगर का चयन किया है। एक नवंबर से अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों के आधार कार्ड व ई-केवाईसी को अपडेट करेंगे। इनके अलावा इस योजना से संबंधित किसानों की अन्य समस्याओं को भी दूर किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी शिविर लगाए जाएंगे।
कृषि एवं कल्याण विभाग ने किसानों के आधार कार्ड व खातों को अपडेट करने के लिए पहले फेज में 65 टीमें बनाई हैं। इस टीम में कृषि विभाग के अलावा राजस्व व बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल होंगे। जिन किसानों की दिक्कत खातों से संबंधित है उन्हें बैंक अधिकारी ठीक करेंगे। जो काम जमीन से संबंधित होगा उसे राजस्व विभाग दुरुस्त करेगा। सभी 65 टीमें एक गांव में एक साथ दो दिन कैंप लगाएंगी। यदि कोई किसान पहले दिन अपने खातों को अपडेट नहीं करवा सका तो वह दूसरे दिन इसे ठीक करवा सकता है।
गांवों में दो दिन पहले कराई जाएगी मुनादी
इस समय किसान खेतों में धान की फसल काटने में व्यस्त हैं। इसके अलावा शादी समारोह भी काफी हो रहे हैं। इसलिए कृषि विभाग की ओर से सभी गांवों में शिविर लगाने से दो दिन पहले मुनादी कराई जाएगी। गांव के चौकीदार के अलावा मंदिर व गुरुद्वारों में लगे लाउड स्पीकरों के माध्यम से किसानों को शिविर लगाने के बारे में सूचना दी जाएगी। जिससे किसान शिविर की तारीख के हिसाब से अपना शेड्यूल बना सकेंगे। संवाद
साढ़े 11 हजार किसानों का रुका भुगतान
आधार कार्ड, ई-केवाईसी अपडेट न होने और जमीन की वेरिफिकेशन न होने से जिले के करीब साढ़े 11 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पिछली किस्त का भुगतान नहीं हो सका है। अब अगली किस्त भी आने वाली है। ऐसे में जब तक किसान उक्त दस्तावेजों व खातों को अपडेट नहीं करेंगे तब तक उन्हें इस योजना के तहत किस्त नहीं मिलेगी। किसान इन्हें अपडेट कराने के लिए कृषि विभाग, बैंकों व सीएससी केंद्रों पर भटक रहे हैं।
65 टीमें बनाई हैं: आत्मा राम
किसानों की समस्या को देखते हुए एक नवंबर से गांव-गांव जाकर आधार कार्ड, ई-केवाईसी को अपडेट किया जाएगा। पहले फेज में 65 टीमों का गठन किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरूआत यमुनानगर से एक नवंबर को होगी।
आत्मा राम गोदारा, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग