राशन के पैकेट तैयार करते टीम सदस्य।
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लॉकडाउन से उपजी इस आपातस्थिति से निपटने के लिए चाइल्डलाइन की टीम ने लॉकडाउन की घोषणा के दिन से ही तैयारी कर ली थी। चाइल्डलाइन की निदेशिका डॉ अंजू बाजपेई ने बताया कि चाइल्डलाइन की टीम भूख से ग्रसित बच्चों की मदद के लिए एक कॉल पर ही पहुंच रही है। चाइल्डलाइन के समन्वयक भानू प्रताप ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 600 से भी ज्यादा बच्चों की कॉल्स मदद के लिए 1098 के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। टीम 1098 पर कॉल करने वाले सभी बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य का निरंतर ध्यान रख रही है। सभी कॉल करने वाले बच्चों का फॉलोअप भी कर रहे हैं। भानू प्रताप ने बताया कि इस आपात स्थिति में सरकार की ये राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा 24×7 काम कर रही है। इस आपात स्थिति में टीम के सदस्य कोरोना वारियर्स बन कर कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को लड़ रहे हैं।