यमुनानगर भुखमरी से बचाने की मांग को लेकर 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे 10 मिनट के लिए प्रदेश में मजदूर व जरूरमंद परिवार खाली बर्तन बजाएंगें। जिसका मुख्य नारा होगा राशन दो, सुरक्षा दो, आर्थिक मदद करो। मजदूर संगठन सीटू के आह्वान पर इस कार्यवाही में बड़े पैमाने पर मजदूर, गरीब व जरूरतमंद लोग हिस्सेदारी करेंगें। वे अपने घरों की छतों, बालकनियों, पसारों, कार्यस्थलो, जहां भी ठहरे हुए हैं वहां उचित दूरी रखते हुए, लाॅकडाउन का पालन करते हुए इस आयोजन को सफल बनाएगें। सीटू जिला प्रधान मतलूब हुसैन ने कहा कि काम-धंधे बंद होने के चलते भुखे मरने से बचने के लिए यह मजबूरी बन गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत देने की घोषणाएं की है व दावे भी किए जा रहे हैं परन्तु धरातल पर हालात बेहद खराब है। भट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों के पास कोई राशन नहीं पंहुचा है। राज्य के अधिकतर जिले में सुखे राशन की सप्लाई में केवल गुलाबी व पीले कार्ड धारकों को छोड़ कोई राहत अभी किसी को नहीं मिली है। गावों-शहरों में हजारों की संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके हरे कार्ड हैं वे भी काफी खराब हालत में हैं। शहरों में रह रहे प्रवासी व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न सरकार ने सुखा राशन पंहुचाया हैं और ना ही आर्थिक मदद की है। स्वयंसेवी संस्थाओं ने शुरूआती दौर में मदद की, परन्तु अब उनकी भी हालत खराब हैं। सीटू जिला सचिव शरबती देवी, कोषाध्यक्ष राम कुमार काम्बोज, कार्यकारिणी सदस्य रोशन लाल, विनोद त्यागी, सोमनाथ, अजमेर, रेखा सैनी, शालु, मीनाक्षी, नीरू बाला ने कहा कि उनकी मांग है कि सभी जरूरतमंदों को 2 महीने का फ्री सुखा राशन दो, प्रत्येक मजदूर व जरूरमंद परिवार जो टैक्सदाता नहीं है उन्हें 7500 रुपये नगद राशि का भुगतान करो, अभी भी जरूरी सेवाओं में लगे कच्चे कर्मचारियों जैसे आशा, आंगनबाड़ी, मिड डे मील, सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चैकीदारों, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाओ, 50 लाख बीमा कवरेज दो, महामारी के दौरान समान काम समान वेतन या कम से कम डबल वेतन दो, फैक्ट्री मजदूरों को पूरा वेतन मिले व किसी को नौकरी से ना हटाया जाए, मनरेगा में काम दो, 8 घंटे प्रतिदिन की ड्यूटी को 12 घंटे करने के केन्द्र सरकार के प्रयासों का पुरजोर विरोध।