फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: हथिनीकुंड बैराज का 50 प्रतिशत काम पूरा, मानसून से पहले दुरुस्त करना होगा लीकेज

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। यमुना नदी के ऊपर बने हथिनी कुंड बैराज के गेट नंबर-8 की लीकेज को रोकने के लिए मुंबई से आई विशेषज्ञों की टीम कार्य कर रही है। जल्द बैराज की लीकेज को दुरुस्त करने का भी दावा किया जा रहा है, लेकिन लीकेज के बाद अब गेट नंबर-8 से पानी का प्रवाह कम किया जा सकता है, ताकि बैराज को अधिक नुकसान न हो। खास बात यह है कि मुंबई से आई जो विशेषज्ञों की टीम बैराज का लीकेज दुरुस्त करने में जुटी है, उसने पूर्व में उत्तराखंड के टिहरी बांध पर भी कार्य किया है जो भागीरथी नदी पर 260.5 मीटर की ऊंचाई पर बना है और दुनिया का आठवां सबसे बड़ा बांध है।
साल 2023 में यमुना नदी में आई बाढ़ के बाद हथिनी कुंड बैराज में लीकेज की समस्या आई थी। उस दौरान तीन लाख नौ हजार क्यूसेक पानी अचानक आ गया था, जिससे बैराज को काफी नुकसान पहुंचा है। यह विश्लेषण हथिनी कुंड बैराज की लीकेज को रोकने के लिए यहां कार्य कर रही मुंबई एक्सपर्ट टीम का है। टीम लीकेज को रोकने के लिए प्रयास कर रही है और करीब 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अब मानसून से पहले कार्य पूरा करने की चुनौती है। गेट नंबर-8 के ग्लेसियस की कंक्रीट में हो रही लीकेज को केमिकल के माध्यम से ठीक किया जा रहा है। टीम तब तक यहां से नहीं जाएगी, जब तक पूरी तरह से लीकेज ठीक नहीं हो जाती। इसके बाद जुलाई माह में मानसून सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में बारिश होने पर हथिनी कुंड बैराज पर पानी का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है। विदित हो कि लीकेज को ठीक करने के लिए मुंबई एक्सपर्ट टीम को 49 लाख रुपये का ठेका दिया गया है।
विज्ञापन

बैराज से तीन तरफ निकलते हैं वाटर चैनल
हथिनीकुंड बैराज को सीमाएं कई राज्यों से लगती हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का कुछ हिस्सा शामिल है। बैराज से तीन तरह के वाटर चैनल निकलते हैं जिनसे पानी की आपूर्ति की जाती है। वेस्टर्न यमुना कैनाल (हरियाणा की तरफ जाती है जिससे सिंचाई भी होती है, इसके 10 गेट), ईस्टर्न यमुना कैनाल ( गेट-4) यूपी की तरफ जाती है जिससे सिंचाई होती है और मुख्य यमुना ( गेट-18) का पानी दिल्ली की तरफ आता है।
विज्ञापन

मुंबई टीम ने अपना 50 फीसदी कार्य पूरा कर लिया है। यह टीम उत्तराखंड के टिहरी बांध पर भी कार्य कर चुकी है। वहीं से इस टीम से संपर्क साधा गया था। पिछले साल आई बाढ़ से हथिनी कुंड बैराज को नुकसान पहुंचा है। लीकेज ठीक होने तक टीम यहीं पर कार्य करती रहेगी। -विजय गर्ग, एक्सईएन, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें