संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रदेश सरकार ने साढौरा विधानसभा क्षेत्र में 48 सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत को मंजूरी दी है। इनपर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। सरकार की इस स्वीकृति को क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एससीएसपी योजना के तहतइनमें लिंक रोड खानूवाला से नगली बांस वाया सलेमपुर कोही, कपालमोचन-धनौरा रोड से मंगलौर, लिंक रोड नगली, स्टेट हाईवे नंबर-एक से बकाला, लिंक रोड बकाला से कालाआंब वाया हवेली, डूमावाला से मुख्य मार्ग, ककडकौनी से मारवा खुर्द, लिंक रोड से कुराली, सभापुर, रामपुर रैया से डूमावाला, अजीजपुर, पिपलीवाला से चुहड़पुर तथा भगवानपुर से लोहगढ़ साहिब गुरुद्वारा तक की सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य स्वीकृत सड़कों में स्टेट हाईवे नंबर-चार से साढौरा-कोटला रोड, साढौरा-कोटला रोड से साढौरा-कालाआंब रोड, रोजा पीर, छौली, मुगलवाली से मुगलवाली स्कूल, एचबी अहड़वाला, लाहड़पुर से लाहड़पुर मुस्लिम माजरा, कालाआंब-बराड़ा-शाहाबाद रोड से निजामपुर, कपूरी खुर्द, मलिकपुर, शिव मंदिर झंडा, ननहेड़ी से पम्मूवाला, भोलीवाला, भांगवाली तथा बीपीएस रोड से सेखूपुरा तक की सड़कें भी शामिल हैं।
इसी प्रकार ठसका से सुधा साहिब, हैबतपुर खेड़ा, सलेमपुर से गोराबनी, कपालमोचन-धनौरा रोड से रानीपुर, सुंदरपुर से अली शेरपुर माजरा, कालाआंब-बराड़ा-शाहाबाद रोड से यासीन माजरी, शेरगढ़ दयालगढ़ से सुंदर बहादुरपुर, मंगलौर से छलौर, कप्तान माजरी से मंगत माजरा, कपालमोचन परिसर की आंतरिक सड़कें बनेगी।
वहींश्री गुरु रविदास मंदिर कपालमोचन, सरस्वतीनगर-छप्पर रोड से मघरपुर, भंभौल से अकालगढ़ का माजरा, सरस्वतीनगर-छप्पर रोड से गढ़ी गोसाई, भटली से हरिपुर जट्टान, जगाधरी-बड़ी पाबनी रोड से पौंटी मिल्क सुखी रोड, अंबाला रोड से हरिपुर जट्टान, जगाधरी-व्यासपुर रोड से शाहपुर, जगाधरी-बड़ी पाबनी रोड से महलांवाली और मुसिंबल हिंदुवान सहित अनेक सड़कों का निर्माण एवं नवीनीकरण किया जाएगा।
विधानसभा में उठाई थी मांग : रेनू बाला
साढौरा की विधायक रेनू बाला ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही है। इन सभी सड़कों की स्वीकृति उनकी अनुशंसा और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है। सड़कों की खराब हालत की आवाज विधानसभा में भी उठाई थी। सड़क परियोजनाएं पूरी होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों की आवाजाही बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।