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Yamuna Nagar News: कंपनी की शाखा खुलवाने के नाम पर 42 लाख ठगे

Fri, 30 Jan 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। गांव खंडवा निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ कंपनी की सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर करीब 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि राजस्थान के जिला जयपुर निवासी सूरजमल कुमावत, राकेश कुमावत, मनोज कुमार कुमावत, माया, मंजू और गीता ने खुद को एक रजिस्टर्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उसे मोटे मुनाफे का लालच दिया। आरोपियों ने सेविंग अकाउंट, आरडी-एफडी और लग्जरी कार जैसे उपहारों का सपना दिखाकर रकम हड़प ली।
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शिकायत में किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 18 नवंबर 2023 को उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज पर क्लिक करने पर उसकी बातचीत माया और मंजू से हुई। उन्होंने उसे ज्यादा पैसा कमाने और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसकी बात सूरजमल कुमावत, राकेश कुमावत और मनोज कुमार कुमावत से करवाई गई। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी श्री लाइफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की रजिस्टर्ड कंपनी है, जो सेविंग अकाउंट, आरडी और एफडी का काम करती है। यदि वह उनके साथ जुड़ेगा तो उसे मोटा मुनाफा मिलेगा और उपहार में लग्जरी कार भी दी जाएगी।
आरोपियों की बातों में आकर सुरेंद्र सिंह उनके जाल में फंस गया। आरोपियों ने हरियाणा में सब ब्रांच खुलवाने का प्रस्ताव दिया और ब्रांच देने के नाम पर उससे 37,800 रुपये खाते में जमा करवा लिए।
इसके बाद उन्होंने ‘अल्ट्रा व्यू’ नाम का एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी। आरोपियों ने ईमेल के जरिए सब ब्रांच से जुड़ी आईडी और पासवर्ड भी भेजे। उसे लोगों के खाते खोलने और लेनदेन कराने के लिए कहा गया। सुरेंद्र सिंह ने अपने जानकारों के चार सेविंग अकाउंट खुलवाए, जिनमें करीब दो लाख रुपये का लेनदेन हुआ। इसी दौरान उसके एक खाताधारक ने जमीन का इकरारनामा कराया, जिसमें खरीदार से 55 लाख रुपये की आरटीजीएस उसी खाते में डलवाई गई।
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चेक बाउंस होने से खुली पोल

पीड़ित किसान सुरेंद्र सिंह के अनुसार जब सब ब्रांच के खर्चों के लिए उसे पैसों की जरूरत पड़ी और उसने सॉफ्टवेयर के जरिए रकम निकालनी चाही तो पैसे नहीं निकले। आरोपियों से संपर्क करने पर वे सर्वर एरर का बहाना बनाते रहे। बाद में उनके कार्यालय जाकर पूछताछ की तो उसे ठगी का अहसास हुआ। आरोपियों ने पहले साढ़े 14 लाख रुपये लौटा दिए, लेकिन शेष 41 लाख 98 हजार रुपये नहीं लौटाए। इसके बदले दिए गए चार चेक भी बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए।
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