माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। तीसरी लहर से लड़ने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिलेभर में बच्चों के लिए 419 बेड तैयार कर लिए गए हैं। इनमें से 17 प्राइवेट अस्पतालों में 290 और सरकारी अस्पतालों में 129 बेड तैयार कर लिए हैं। प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा ऑक्सीजन के चार प्लांट स्थापित कर लिए गए हैं। इन प्लांटों से 15 अगस्त से यहां से ऑक्सीजन मिलनी शुरू हो जाएगी। जिले में प्रति मिनट 35 सौ लीटर ऑक्सीजन की उपलब्धता रहेगी। कोविड 19 प्रभारी डॉ. वागिश गुटेन का कहना है कि केस बढ़ने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर अस्थायी अस्पताल तैयार कर लिए जाएंगे। विभाग ने करीब एक हजार ऐसे बेड तैयार करने की व्यवस्था की है। जिले में सीएमओ समेत चार चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर है। इसके अलावा पांच एमओ, दस नर्स और अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होेंने बताया कि बुधवार को कोरोना के संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर उपायुक्त गिरीश अरोड़ा व जिला स्तरीय कोविड-19 जांच कमेटी के सदस्यों ने तीन प्राइवेट अस्पतालों का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने गाबा अस्पताल, रवि अस्पताल, गुलाटी अस्पताल में कोविड-19 के तहत मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर व आईसीयू वार्ड का अवलोकन किया। इस मौके पर जिला स्तरीय कोविड-19 जांच कमेटी के सदस्य एसडीएम सुशील कुमार, सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया, सिविल अस्पताल के सलाहकार डॉ. सविन्द्र उपस्थित थे।
कहां कितने बेड
जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल-20
जिले की सात पीएचसी-70
ईएसआई कोविड अस्पताल-25
नवजात कोविड बच्चों के लिए-14
जिले के 17 निजी अस्पतालों में-290
यहां हैं ऑक्सीजन प्लांट
सिविल अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता।
सिविल अस्पताल में 1000 लीटर का दूसरा प्लांट।
ईएसआई कोविड अस्पताल में 1000 लीटर की क्षमता।
सरस्वती नगर पीएचसी में 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता।
पूरा ध्यान कोरोना की तीसरी लहर रोकने पर है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जुटी हुई है। अगर केस बढ़ते हैं तो उसकी भी पूरी तैयारी कर ली गई है। जिले में ऑक्सीजन, बेड, दवा और अन्य मेडिकल के सामान की दिक्कत नहीं होगी। - डॉ. विजय दहिया, सीएमओ यमुनानगर