संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एलईडी लाइट परियोजना सिरे चढ़ाने में अफसर एक और कदम आगे बढ़े हैं। परियोजना के लिए 38.46 करोड़ रुपये के फंड पर शहरी स्थानीय निकाय से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। इसके बाद से अन्य औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं। संभावना है कि एक-डेढ़ माह में काम शुरू होगा और अक्तूबर-नवंबर तक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त होगी।
कीरब सवा साल पहले नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के लिए यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से 41011 एलईडी लाइटें मंजूर हो गई थी। इसके बाद यह लाइटें कहां-कहां लगाई जाएंगी, इसका सर्वे हुआ। सर्वे एलईडी लाइट लगाने के 28 हजार नए और 13 हजार पुराने प्वाइंट (जहां सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल लगे) चिह्नित किए गए।
साथ ही परियोजना की डीपीआर तैयार कराई। इसके आगे की कार्रवाई लोस चुनाव आने से लटक गई। चुनाव संपन्न होने पर फिर से परियोजना सिरे चढ़ाने के लिए अफसरों ने कदम बढ़ाए हैं। इसके लिए 38.46 करोड़ रुपये के फंड पर प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस राशि में नगर निगम व सरकार 50-50 फीसद वहन करेंगे। परियोजना का काम दिव्य नगर योजना में होगा।
परियोजना के मुताबिक एलईडी लाइटें स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम पर चलेंगी। इसके लिए कन्हैया साहिब चौक समीप स्थित नगर निगम के कार्यालय में आईटी बेस कॉमन कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) तैयार होगा। जहां किसी भी लाइट के खराब होने पर सीसीएमएस से पता चल जाएगा। यानी निगम कर्मियों को खराब लाइट का पता करने के लिए ना तो शिकायत का इंतजार करना पड़ेगा और ना ही उसे ढूंढने को भटकना पड़ेगा।
इसके अलावा यह लाइटें कार्यालय से ही बंद व चलाई जा सकेंगी। यानी अलग से ऑपरेटर की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था न होने से स्ट्रीट लाइट खराब व बंद होने की शिकायतें नगर निगम द्वारा जारी नंबर पर आती हैं। साथ ही लोग कई दिन व हफ्ते लाइट ठीक न होने के आरोप भी लगाते हैं। कर्मियों को भी बंद व खराब लाइटें ढूंढने से लेकर चालू व बंद करने में दिक्कतों से दो चार होना पड़ता है।
आठ वार्डों में स्थिति ठीक, बाकी 14 में बिगड़ी
मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में पुरानी लाइटों के स्थान पर नई एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये ई निविदा लगाई थी। शुरुआत में ही काम में कर्मियों के आरोप और उन पर चली जांच में एक साल निकल गया। सितंबर-2021 तक आठ वार्डों में 8164 एलईडी लाइट लग पाई। जबकि अन्य 14 वार्डों में एलईडी लाइटें नहीं लग पाई। जिन आठ वार्डों में लगीं, वहां भी कई बंद व खराब हैं। कार्यकाल रहते वार्ड पार्षद नई एलईडी लाइटें न लगने व पुरानी लाइटों की मरम्मत न होने का मुद्दा हर सदन बैठक उठा चुके हैं। क्योंकि वार्डों के गांवों से लेकर कॉलोनियों व मोहल्लों में शाम बाद अंधेरा हो जाता है, जो 41011 एलईडी लाइटें लगने से दूर हो सकेगा।
फंड पर प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। डीपीआर भी तैयार है। जल्द नई एलईडी लाइटें लगाने का काम शुरू होगा। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।