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यमुनानगर: कोरोना संक्रमण से 400 ने जिंदगी की जंग हारी, अब प्रशासन कर रहा तीसरी लहर की तैयारी

Sat, 26 Jun 2021 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
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कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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जिले में कोरोना के कारण अभी तक 400 लोग जिंदगी की जंग हार चुके हैं। साल 2021 में सबसे ज्यादा मौतें मई में हुईं हैं। राहत की खबर यह है कि जून में कोरोना संक्रमण का फैैलाव कम हुआ है। जून में रिकवरी रेट 98 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। पॉजिटिविटी रेट में भी कमी हुई है।

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कोरोना की दूसरी लहर कमजोर होते ही जिंदगी ने रफ्तार भरना शुरू कर दिया है। विदेशों में आवाजाही भी शुरू हो गई है। जून से वहीं रिकवरी रेट भी जिला प्रशासन के निर्देशन, स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख और पुलिस की सख्ती के कारण यह संभव हो सका है। जिस प्रकार से कोरोना संक्रमण कम होता जा रहा है, ऐसे में जून के अंत तक मरीजों की संख्या शून्य होने की उम्मीद है। दूसरी ओर कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जिले में एक्टिव केस भी 87 रह गए हैं।

लोगों को किया जागरूक
डीसी गिरीश अरोड़ा का कहना है कि जिले में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। ऑक्सीजन, बेड और दवाइयों का विशेष ध्यान रखा गया। तीसरी लहर को लेकर पीकू और नीकू वार्ड बनाए गए हैं। बच्चों में तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए दवाइयों की डिमांड भी भेज दी गई है। दोबारा से संक्रमण न फैले इसके लिए टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
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एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि समय पर लॉकडाउन लगाना कहीं न कहीं कोरोना संक्रमण की रफ्तार रोकने में सहायक रहा है। पुलिस प्रशासन की ओर से लॉकडाउन का पालन कराया गया। दुकानों और संस्थानों को भी अनलॉक के बाद समय से बंद कराया गया। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए भी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया का कहना है कि कोरोना की प्रथम व दूसरी लहर में शासन की ओर से मिली सभी गाइडलाइन का पालन किया गया। मरीजों को ऑक्सीजन व बेड से लेकर दवाइयों तक का प्रबंध कराया गया। तीसरी लहर की आशंका बच्चों में होना बताई जा रही है, इसको देखते हुए पीकू और नीकू वार्ड के साथ साथ यमुनानगर-जगाधरी अस्पताल में आईसीयू वार्ड भी बनाए गए हैं। वहीं सात निजी अस्पतालों को भी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

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