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Yamuna Nagar News: पीएनजी कनेक्शन के लिए रोजाना 35 से 40 आवेदन

Sat, 21 Mar 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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टैगोर गार्डन में घर पर लगा पीएनजी कनेक्शन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर में चल रहे गैस संकट के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन की मांग में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। जहां पहले भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के पास प्रतिदिन औसतन आठ नए कनेक्शन के आवेदन आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 35 से 40 तक पहुंच गई है।
एलपीजी सिलिंडर की समय पर आपूर्ति न होने से शहरी उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से पीएनजी की ओर बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए बीपीसीएल ने कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए मैकेनिकों की संख्या भी बढ़ा दी है। कंपनी का उद्देश्य बढ़ती मांग को जल्द से जल्द पूरा करना है ताकि लोगों को गैस संकट से राहत मिल सके।
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बीपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में शहर में कुल 11,772 पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं, जिनमें से 72 कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी के हैं। पीएनजी की कीमत फिलहाल 48 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट तय की गई है। शहर में रोजाना करीब 2500 से 2700 यूनिट पीएनजी की खपत हो रही है।
यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि लोग अब एलपीजी के विकल्प के रूप में पीएनजी को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक मान रहे हैं। खास बात यह है कि पहले जिन उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन कटवा दिए थे, वे भी अब दोबारा इसे शुरू करवाने लगे हैं। अब तक लगभग 350 कनेक्शन बंद हो चुके थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए करीब 50 उपभोक्ता फिर से पीएनजी सेवा के लिए आवेदन किया है। इससे एक बात तो तय है कि गैस संकट ने लोगों की प्राथमिकताओं को बदल दिया है।
दूसरी ओर यमुनानगर में एलपीजी गैस की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। शहर में कुल 32 गैस एजेंसियां हैं, जिनके पास कुल 3,89,404 कनेक्शन पंजीकृत हैं। इनमें 1,87,682 घरेलू और 1,722 व्यावसायिक सिलिंडर उपभोक्ता शामिल हैं। सिलिंडर की समय पर आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पीएनजी का कनेक्शन लेने वालों की संख्या रोजाना काफी बढ़ रही है। आवेदनों की संख्या भी चार गुना से ज्यादा हो गई है। काफी लोग कटवाए गए कनेक्शन को भी दोबारा करवा रहे हैं। पीएनजी में गैस खत्म होने का झंझट नहीं है। यह एलपीजी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित भी है। -शुलभ यादव, सहायक कार्यकारी संचालन (गैस), बीपीसीएल यमुनानगर।
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