गेहूं की खरीद शुरू छह दिन हो गए हैं, लेकिन मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों की संख्या बेहद कम है। मंगलवार को पांच दिन बाद भी अपेक्षाकृत आधी खरीद भी नहीं हो पाई। जबकि पिछले साल एक सप्ताह में ही मंडियां गेहूं से अट गई थी और उठान भी शुरू हो गया था। परंतु इस बार मंडियों में गेहूं बहुत कम पहुंचा है। मंगलवार को भी जिले की तीन मंडियों में बिल्कुल भी आवक नहीं हुए। जबकि अन्य दस मंडियों में आवक के साथ खरीद हुई।
जिले में कुल 2581 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इस दौरान बिलासपुर में 313, छछरौली में तीन, गुमथला राव में 31, जगाधरी में 411, खारवन में 68, सरस्वतीनगर में 858, रादौर में 658, रणजीतपुर में 48, रसूलपुर में 46 और साढौरा में 145 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जबकि जिले की प्रतापनगर, जठलाना और यमुनानगर मंडी में खरीद नहीं हुई।
प्रतापनगर। अनाज मंडी में अब तक साढ़े तीन सौ क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।कुछ नमी के चलते गेहूं खरीद नहीं हो पाई। शुक्रवार से सरकारी आदेशानुसार मंडी शुरू हो गई थी, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी हैफेड या डीएफएससी कोई भी खरीद एजेंसी मौका पर नहीं पहुंची। इतना ही नहीं मंडी में बारदाना तक नहीं है। ऐसे में किसान छह दिनों से गेहूं लेकर मंडी में धक्के खा रहे हैं। किसानों की मांग है कि जो लोग अनाज लेकर आए हैं सरकारी आदेशानुसार उसकी खरीद की जाए।
बता दें कि बीते शुक्रवार से मंडियों में सरकारी आदेशानुसार खरीद शुरू हो गई है। नियमानुसार किसान अपना गेहूं लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं, लेकिन हैफेड व डीएफएससी दोनों एजेंसी अधिकारी और कर्मचारी मंडियों से गायब हैं। मार्केट कमेटी कर्मचारी उनकी बाट देख रहे हैं, ताकि खरीद शुरू करें।
छह दिन से किसान अनाज लेकर मंडियों में खड़े हैं हालांकि कुछ गेहूं नमी के कारण नहीं खरीद हो पाई। उसको तो खरीदा जा सकता था लेकिन यह हैफेड व डीएफएससी के अधिकारी व कर्मचारी एक दूसरे की ड्यूटी बता कर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में किसान मंडियों में आना बंद कर देंगे।
इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग निरीक्षक पवन कुमार का कहना है कि वह अभी यहां नए हैं। उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। बुधवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बारदाना छछरौली में पड़ा है। जो कि आज प्रताप नगर मंडी में पहुंच जाएगा।