जिले में बुधवार को आधी रात के बाद आई अंधड़ ने बिजली निगम व वन विभाग को काफी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं से बिजली निगम के 70 से ज्यादा पोल तो वहीं 250 से ज्यादा पेड़ टूट कर धराशायी हो गए। करीब डेढ़ घंटे तक अंधड़ चलती रही। इसके बाद हवाओं के रूख में कुछ नरमी आई। फिर भी हवाएं चलती रही और हल्की बारिश भी हुई। जिले में औसतन 2.5 एमएम बारिश हुई। रातभर ज्यादातर इलाकों में करीब सात से आठ घंटे तक बिजली बंद रही। सेक्टर-15 में दो पेड़ों के बड़े टहने गिरने से बिजली की तारें टूट गई। वहां पर 15 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई नहीं हो पाई थी। निगम की तरफ से सेक्टर में नई तार डाल कर वीरवार देर शाम बिजली सप्लाई को सुचारू किया गया। यहां तक की हवा से मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल यमुनानगर के नवनिर्मित भवन का बोर्ड भी उखड़ कर ट्रामा सेंटर के पास गिर गया। 11 मई को ही सीएम मनोहर लाल ने अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन किया था।
तेज हवाओं से बिजली गुल होने से रातभर लोग गर्मी से बेहाल रहे वहीं हल्की बूंदाबांदी होने लगी जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। सुबह तक बिजली नहीं आने से जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल भी नहीं चल पाए। जिस कारण पेयजल संकट गहरा गया। जिन-जिन इलाकों में बिजली आती रही जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ट्यूबवेलों को चलाकर पानी सप्लाई करते रहे। बिलासपुर में रात को दो बजे गुल हुई बिजली सुबह नौ बजे सुचारू हुई।
बिजली के लिए लोग रात से लेकर सुबह तक बिजली निगम कार्यालयों में फोन करते रहे। किसी ने बिजली खराब होने की सूचना दी तो किसी ने यह पूछा कि बिजली कब आएगी। बुधवार रात 12 बजे से लेकर वीरवार दोपहर तीन बजे तक इंक्वायरी के लिए 521 फोन किए। वहीं ऑनलाइन शिकायतों की बात करें तो जगाधरी डिवीजन में सबसे ज्यादा 693 शिकायतें बिजली संबंधित आई। इनमें सब अर्बन से 87, साढौरा में 13, प्रतापनगर से एक, शहर जगाधरी से 63, छछरौली से 8 व बिलासपुर से 26 शिकायतें प्राप्त हुई। वहीं यमुनानगर डिवीजन में रादौर से एक, सब अर्बन नंबर वन से 65, मॉडल टाउन से 95, जोड़ियों फीडर से 64, आईटीआई फीडर से 157, इंडस्ट्रियल एरिया से 168 शिकायतें आई। सेक्टर-15, सेक्टर-17 के अलावा शिव शंकर नगर, दड़वा, परवालों, कल्याण नगर, तेजली रोड, सरस्वती कॉलोनी, बूड़िया चौक, भारत सेवक नगर, मांडखेड़ी की टपरियां, दुर्गा कॉलोनी समेत सभी ब्लॉकों के गांवों में बिजली गुल रही।
रात को हुई हल्की बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। सुबह एक बार तो सर्द हवाओं का एहसास हुआ। वीरवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दो दिन पहले तक यह 40 डिग्री को पार कर गया था। जिले में औसतन 2.5 एमएम बारिश हुई। रात को जगाधरी में 2 एमएम, बिलासपुर में 2 एमएम, रादौर में 8 एमएम, सरस्वतीनगर में 2 एमएम, प्रतापनगर में 2 एमएम बारिश हुई। जबकि छछरौली व साढौरा में बारिश नहीं हुई। तापमान में कमी आने से मौसम सुहावना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह 10 बजे आसमान में काले बादल छाए रहे। इसके बाद तेज धूप निकलने से फिर लोगों को गर्मी की मार झेलनी पड़ी।
जिला वन अधिकारी आरके माथुर ने बताया कि जब तूफान आता है तो पेड़ व टहने तो टूटते ही हैं। पेड़ों के टूटने को लेकर स्टाफ से रिपोर्ट मांगी है। कितने पेड़ टूटे हैं इसकी रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा।
बिजली निगम जगाधरी के एक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रात को आए अंधड़ से काफी नुकसान हुआ है। बिजली के पोल व तार टूट गए हैं। तारें टूटने से बिजली सप्लाई बाधित रही। तारों को ठीक करके कर्मचारी पावर सप्लाई करने में लगे हुए हैं।