जगाधरी। बोर्ड का वार्षिक परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। जिसके तहत शीतकालीन अवकाश में भी विद्यार्थियों की कक्षा लेकर उन्हें पढ़ाया जाएगा। योजना के तहत शीतकालीन अवकाश में 10वीं व 12वीं की विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाएंगी। वहीं जिले के करीब 250 विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के लिए सिम ही नहीं है। दरअसल विभाग ने इन विद्यार्थियों को अभी तक सिम अलॉट नहीं करवा पाया है। ऐसे में यह विद्यार्थी शीतकालीन अवकाश में ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पाएंगे।
जानकारी के अनुसार हरियाणा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षा की घोषणा कर दी है। ये परीक्षाएं फरवरी में करवाई जाएंगी। वहीं, शिक्षा निदेशालय ने एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। 15 दिन के अवकाश के बाद बोर्ड की परीक्षा में दो से तीन सप्ताह ही शेष रह जाएंगे। इसलिए बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। इकसे लिए विभाग ने छुट्टियों में 10वीं व 12वीं की ऑनलाइन कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया है। छुट्टियों की ऑनलाइन कक्षा के दौरान विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के लिए मानसिक व शैक्षणिक रूप से तैयार किया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों में बोर्ड की परीक्षा के लिए तनाव पैदा न हो। बता दें कि इस बार जिले का वार्षिक परिणाम बेहद शानदार रहा है। सत्र 2023-24 में दसवीं का 95 और 12वीं का परिणाम 92 प्रतिशत रहा था। विभाग की योजना इस सत्र में भी बेहतर परिणाम प्राप्त करने की है। इसके लिए योजना बद्ध तरीके से काम किया जाए रहा है।
सिम न होने से होगी परेशानी : शिक्षा विभाग की ई-अधिगम योजना के तहत 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। वहीं, टैबलेट के इस्तेमाल के लिए विभाग की ओर से विद्यार्थियों को सिम के साथ दो जीबी प्रतिदिन के हिसाब से इंटरनेट डाटा भी उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, वार्षिक परीक्षा सिर पर है, लेकिन करीब 250 विद्यार्थियों के पास सिम नहीं है।
ऐसे में यह विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पाएंगे। स्कूल में यह विद्यार्थी वाई-फाई के जरिए काम चला रहे हैं, लेकिन घर पर टैबलेट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। गाैरतलब है कि विभाग की ओर से इस साल कुल 24092 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं। जबकि करीब 16000 विद्यार्थियों को सिम उपलब्ध करवाई गई है। चूंकि उसी स्कूल में वरिष्ठ कक्षा में प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों की पिछली सिम का ही प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या करीब 8000 है।