कोरोना संक्रमण की रफ्तार घटती जा रही है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग राहत महसूस कर रहा है। हालांकि संक्रमित मरीजों की मौत के आंकड़ों पर राहत नहीं मिल रही है। वीरवार को 240 संक्रमित मरीजों ने कोरोना को मात दी है। जिले में 135 कोरोना के नए केस मिले हैं। जबकि 12 संक्रमित मरीजों का कोरोना गाइड लाइन के तहत अंतिम संस्कार कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने तीन संक्रमित मरीजों की पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ईएसआई कोविड-19 अस्पताल में छछरौली के बलौली निवासी 45 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गई। गांब बरसान निवासी 58 वर्षीय वृद्धा की मौत जिला अस्पताल में हो गई। जबकि ईएसआई कोविड-19 अस्पताल में जगाधरी के केसर नगर निवासी 65 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध शुगर का बीमार था। जानकारी के अनुसार, नियर विष्णु मंदिर से 43 वर्षीय अधेड़, मॉडल टाउन से 47 वर्षीय महिला, चौगवां से 59 वर्षीय वृद्ध, सत्संग विहार से 33 वर्षीय महिला, छछरौली के गनौली गेट से 63 वर्षीय वृद्धा, सरावां से 49 वर्षीय अधेड़, गांव गधोला से 72 वर्षीय वृद्धा, मलिकपुर बांगर से 44 वर्षीय महिला, सभापुर से 66 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत कोरोना से हो गई। सभी का अंतिम संस्कार कोरोना गाइड लाइन से किया गया।
यह है स्थिति
पॉजिटिव आए-135
स्वस्थ हुए मरीज-240
रिपोर्ट लंबित-1493
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक मौत-353
अब तक पॉजिटिव केस-23,170
अब तक स्वस्थ हुए-21,796
कोरोना के एक्टिव केस-1021
होम आइसोलेशन में मरीज-705
अब तक हुई सैंपलिंग-3,15,989
सैंपलिंग के बाद निगेटिव-2,88,519
जिले का रिकवरी रेट-94.06 प्रतिशत
जिले का पॉजिटिविटी रेट-7.33 प्रतिशत
एक्टिव कंटेनमेंट जोन-460
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2.50 लाख का बिल देख परिजनों ने किया हंगामा
यमुनानगर। एक निजी अस्पताल में बुधवार देर रात को मरीज की मौत और ऊपर से 2.50 लाख रुपये का बिल देखकर परिजन भड़क गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज का सही इलाज नहीं हुआ है। जिस कारण मरीज की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत किया।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश निवासी 63 साल का हरिराम मिश्रा आजाद नगर की गली नंबर दो में रहता था। परिजनों ने तबीयत खराब होने पर 15 मई को मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यही पर उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोरोना संक्रमण इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया था। लेकिन उसे अन्य परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया हुआ था। परिवार के सदस्य धर्मेंद्र तिवारी का आरोप है कि मरीज की हालत बुधवार की रात को बिगड़ी और मौत हो गई। आरोप है कि चिकित्सकों ने मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने 2.50 लाख रुपये का बिल बनकर थमा दिया। परिजनों ने ज्यादा बिल को लेकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची सिटी थाना यमुनानगर से पुलिसकर्मी संदीप ने पहुंचकर मामला शांत कराया।