संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कुरुक्षेत्र के केडीबी मेला मैदान में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय राज्यस्तरीय पशु मेले के लिए जिले से रोडवेज की 22 बसों को ड्यूटी पर भेज दिया गया। इन बसों के मेला ड्यूटी में जाने से जिले के कई नियमित रूटों पर बस सेवा प्रभावित हो गई। इससे आम यात्रियों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह से लेकर शाम तक बस स्टैंड यमुनानगर और जगाधरी में यात्रियों की भारी भीड़ नजर आई। बसें कम होने के कारण यात्रियों को बसों की खिड़कियों पर लटक कर सफर करते देखा गया। कई बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों को धक्का-मुक्की तक करनी पड़ी। समय पर बस न मिलने से लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेचैन दिखाई दिए।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम के लिए रोडवेज ने व्यासपुर, नारायणगढ़, प्रतापनगर, अंबाला, रादौर, सरस्वतीनगर रूटों से बसों को हटाकर कुरुक्षेत्र भेजा गया है। ये बसें मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न रूटों से हटाई गई हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर सुबह के समय स्कूल, कॉलेज और आईटीआई जाने वाले विद्यार्थियों पर पड़ा। कई विद्यार्थी ऑटो में जाते दिखे, तो कुछ को निजी वाहन चालकों से लिफ्ट लेकर सफर करना पड़ा। बस स्टैंड पर खड़े कॉलेज छात्र अंकित ने कहा कि वह रोज सुबह साढ़े आठ बजे वाली बस से कॉलेज जाता है।
आज बस आई ही नहीं। काफी देर इंतजार करने के बाद मजबूरी में ऑटो लेना पड़ा, जिससे किराया देना पड़ा। वहीं राकेश कुमार ने बताया कि हर दिन ऑफिस जाने के लिए बस का सहारा होता है, लेकिन आज एक घंटे तक बस नहीं मिली। जब बस आई भी तो उसमें पैर रखने की जगह नहीं थी।
यात्रियों का कहना है कि जिले में पहले से ही रोडवेज बसों की संख्या काफी कम है। ऐसे में अचानक 22 बसों को रूट से हटाने से हालात और बिगड़ गए। यमुनानगर डिपो में कुल 160 बसें हैं, जिनमें से 10 से 15 बसें अक्सर मरम्मत या स्टाफ की कमी के चलते कार्यशाला में खड़ी रहती हैं। इससे नियमित रूटों पर पहले ही दबाव बना हुआ है।
लोगों ने रोडवेज प्रशासन से मांग की है कि राज्यस्तरीय कार्यक्रमों के लिए बसें भेजते समय वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि आम यात्रियों और विद्यार्थियों को परेशानी न झेलनी पड़े। तीन दिन तक यही हालात रहे तो दैनिक सफर और भी मुश्किल हो जाएगा।
कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के लिए रोडवेज की 22 बसों को लगाया गया है। इनमें से कुछ बसों को ही रूटों से हटाया गया है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सिटिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। -बलविंद्र सिंह, डीआई, यमुनानगर डिपो।
यमुनानगर रोडवेज डिपो में बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद