फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 20.85 लाख की ठगी

Sat, 21 Feb 2026 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

साढौरा। ककड़ौनी गांव निवासी रंजीता ने आरोप लगाया है कि ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए छात्र वीजा दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने परिवार से 20.85 लाख रुपये ऐंठ लिए। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। सढौरा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुरप्रीत चहल व मुंशी अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रंजीता ने बताया कि चार जनवरी 2024 को वह अपने माता-पिता के साथ सढौरा निवासी मुंशी अली के संपर्क में आई। मुंशी अली ने उसे मोहाली के संत माजरा निवासी गुरप्रीत चहल से मिलवाया, जिसे सीआईईएस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मालिक बताया गया। उसका कार्यालय मोहाली के कैपमॉल-67 में बताया गया।
विज्ञापन

गुरप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के छात्र व पर्यटक वीजा के संबंध में जानकारी देकर उसे विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। उसने पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज लेकर कुल लगभग 30 लाख रुपये खर्च होने की बात कही और शेष राशि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद लेने का आश्वासन दिया। दस जनवरी 2024 को युवती के मामा के बेटे विक्रम, उसके माता-पिता और मुंशी अली ने सढौरा में गुरप्रीत को करीब 14 लाख रुपये नकद दिए। इसके अतिरिक्त छह जनवरी 2024 को युवती के पिता ने 50 हजार रुपये बैंक के माध्यम से सीधे खाते में भेजे। आरोप है कि आठ जनवरी 2024 को 30 हजार रुपये डिजिटल भुगतान माध्यम से, चार लाख 20 हजार रुपये बैंक लेनदेन संख्या के जरिए तथा एक लाख 85 हजार रुपये भी उसी दिन गुरप्रीत के बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए। कुल 20 लाख 85 हजार रुपये आरोपी को दिए गए। गुरप्रीत ने परिवार को एक शपथ पत्र और अनुबंध भी दिया था।
युवती का कहना है कि सात महीने बीत जाने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया का कोई वीजा नहीं लगवाया गया। बाद में आरोपी ने उसे इंग्लैंड भेजने का झांसा दिया। उसकी फाइल करनाल से लगाने की बात कही और करनाल के एक निजी बैंक में खाता भी खुलवाया गया, लेकिन कुछ समय बाद इंग्लैंड भेजने से भी मना कर दिया गया।
शिकायत करने पर दी धमकी : शिकायतकर्ता के अनुसार जब परिवार ने दबाव बनाया तो गुरप्रीत ने फीस वापसी के लिए आवेदन करने की बात कही और 17 हजार पाउंड की फीस 90 दिनों में वापस आने का भरोसा दिया। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई राशि वापस नहीं मिली। फोन पर संपर्क करने पर वह बहाने बनाता रहा और बाद में कॉल उठाना भी बंद कर दिया।
युवती ने बताया कि उसके पिता ने ब्याज पर पैसे लेकर यह रकम दी थी, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है। दो वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो विदेश भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए। पैसे मांगने पर टालमटोल की गई और शिकायत करने पर पिता को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
विज्ञापन

रंजीता की शिकायत के आधार पर आरोपी गुरप्रीत व मुंशी अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है। - मनजीत कौशिक एसएचओ थाना साढौरा यमुनानगर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें