संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उपमंडल व्यासपुर के गांव मलिकपुर बांगर में सोम नदी के किनारे खेतों में लंबे समय से जमा पानी किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। करीब 200 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने से खरीफ फसल बर्बाद हो गई है। खेतों से पानी नहीं निकलने के कारण किसानों के सामने गेहूं की बोआई का संकट खड़ा हो सकता है।
किसानों संत राम, पूर्व सरपंच नाथी राम धीमान, सलिंद्र कुमार और बुध राम ने बताया कि सोमनदी में पानी बढ़ने के दौरान नदी की पटरी टूटने से पानी खेतों में पहुंच जाता है। जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से खेतों से पानी निकालने के लिए पाइपलाइन और पंप की व्यवस्था की गई है।
किसानों के अनुसार कुछ दिन पहले पंप का स्टार्टर जल गया था। इसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई। किसानों ने बताया कि बरसात का मौसम समाप्त होने को है, लेकिन खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है। धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलें खराब हो चुकी हैं। खेतों में अत्यधिक नमी होने के कारण रबी की फसल की समय पर बोआई करना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
किसान पवन कुमार ने बताया कि पंप हाउस की जिम्मेदारी को लेकर विभागीय अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। किसानों ने समस्या के समाधान के लिए सीएम विंडो पर शिकायत करने के साथ अंबाला आयुक्त के समक्ष भी मामला उठाया है। इसके बाद शिकायत एसडीएम व्यासपुर को भेजी गई।
किसानों के मुताबिक एसडीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक पानी निकासी की व्यवस्था बहाल नहीं हुई। एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि पानी निकालने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई है। पंप सेट का स्टार्टर खराब होने की जानकारी आई है। जल्द ठीक करवाकर पानी निकाला जाएगा।