जगाधरी। नाबालिग लड़की को भगाकर उससे शादी करने के दोषी सत्य प्रकाश को जिला एवं सत्र न्यायालय स्पेशल पॉक्सो अदालत ने दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 70 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। दोषी पहले भी नाबालिग से दुष्कर्म के एक अन्य मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट से दोषी करार दिया जा चुका है।
20 जनवरी 2021 को थाना शहर यमुनानगर क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी नाबालिग बेटी सुबह घर से लापता हो गई है। शिकायतकर्ता ने शक जाहिर किया कि पुराना हमीदा की वाल्मीकि बस्ती में रहने वाला सत्यप्रकाश उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर भगा ले गया है। पुलिस ने 21 फरवरी 2021 को शिकायतकर्ता की बेटी और आरोपी सत्य प्रकाश को कैंप से काबू कर लिया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल करवाने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया और उसे कोर्ट में पेश कर दिया। इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने दोषी सत्य प्रकाश को सजा सुनाई है। दोषी सत्य प्रकाश के खिलाफ पहले भी नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हो चुका है। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई थी।
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मल्टी वर्कर हेल्थ वर्कर का पर्स छीनने के दोषी को सात साल की कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। मल्टी वर्कर हेल्थ वर्कर का पर्स छीनने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निधि बंसल की अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया है। दोषी का नाम हिमांशु है और वो मुजाफ्त गांव का रहने वाला है।
मल्टी वर्कर हेल्थ वर्कर रेनू धीमान ने 15 मई 2021 केा बिलासपुर थाने में शिकायत दी थी कि सुबह के समय वो अपनी स्कूटी पर सब सेंटर अमादलपुर जाने के लिए निकली थी। बस स्टैंड मुंडाखेड़ा के नजदीक एक बाइक सवार युवक रेनू का पर्स छीनकर भागने लगा। रेनू ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा करना शुरू कर दिया और शोर मचाती रही। रेनू को पीछा करता देख युवक ने चलती बाइक पर ही पर्स से रुपये निकाले और पर्स को फेंक कर भाग गया। पर्स में 10 हजार रुपये, मोबाइल फोन, टैब, और अन्य जरूरी कागजात थे। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की मदद से रेनू का पर्स छीनने वाले हिमांशु की पहचान कर उसे काबू कर लिया था। इसी मामले में कोर्ट ने दोषी हिमांशु को सजा सुनाई है।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर से मोबाइल फोन छीनने के दोषियों को पांच साल की कैद
जगाधरी। रिटायर्ड बैंक मैनेजर से मोबाइल छीनने के दो दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप की कोर्ट ने पांच साल की कैद और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडे़गी। दोनों के खिलाफ 29 मार्च 2020 को शहर यमुनानगर में मामला दर्ज किया गया था।
बीबीसी बैंक से चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त सुखदेव गिल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 29 मार्च 2020 को वो अपने नाती को लेकर रवि अस्पताल आए थे। वे अस्पताल के बाहर बरगद के पेड़ के नीचे बैठे थे। तभी डीएवी कॉलेज की ओर से बाइक पर दो युवक आए और उनके हाथ में पकड़ा मोबाइल छीन कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में रुपनगर बाडी माजरा निवासी विक्की पंडित और ललित उर्फ कांचा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों से सुखदेव गिल से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया था। कोर्ट ने इसी मामले में विक्की पंडित और ललित उर्फ कांचा को सजा सुनाई है।