संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में पर्यावरणीय मानकों को ताक पर रखकर स्टोन क्रशर इकाइयां लंबे समय से बेखौफ होकर संचालित हो रही थीं। जब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की विशेष जांच टीम मैदान में उतरी, तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आ गई। जिले के 19 स्टोन क्रशरों के निरीक्षण में एक भी इकाई निर्धारित पर्यावरणीय मानकों पर खरी नहीं उतरी।
जांच के दौरान धूल नियंत्रण व्यवस्था कागजों तक सीमित मिली, जल छिड़काव कई जगह नाममात्र का था और ग्रीन बेल्ट केवल फाइलों में दिखाई दी। कन्वेयर बेल्ट बिना कवर के चलती मिलीं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में धूल का गुबार उड़ता रहा। हैरानी की बात यह रही कि कई इकाइयों के पास वैध स्वीकृतियों और जरूरी दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं थे।
अधिकारियों के अनुसार जिले में कुल 177 स्टोन क्रशर इकाइयां पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 52 इकाइयों की जांच पूरी हो चुकी है। शुरुआती जांच में जिस तरह व्यापक अनियमितताएं सामने आई हैं, उससे साफ है कि नियमों की अनदेखी एक-दो नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर हो रही है। अब शेष इकाइयों की जांच भी तेज कर दी गई है और माना जा रहा है कि आगे और भी नोटिस जारी हो सकते हैं।
इन स्टोन क्रशर इकाइयों को जारी किए गए नोटिस
जिन 19 इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें कृष्णा स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनिंग प्लांट, वैष्णवी स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनिंग प्लांट, भगवती स्टोन क्रशर, हंस स्टोन क्रशर, साईं स्टोन क्रशर, हर गोबिंद इंडस्ट्रीज स्टोन क्रशर, शिव साईं स्टोन क्रशर, कमल रोड लाइंस स्टोन एंड स्क्रीनिंग प्लांट, पोला स्क्रीनिंग एंड स्टोन क्रशर प्लांट, आर.आर. स्टोन क्रशर, दीप स्क्रीनिंग प्लांट एंड स्टोन क्रशर, चौधरी इंडस्ट्रीज, यमुना इंडस्ट्री, जय लक्ष्मी मिनरल्स, जय भोले स्टोन क्रशर, दहिया एंड कंपनी स्क्रीनिंग प्लांट, खान स्क्रीनिंग एंड स्टोन क्रशर कंपनी, बजरंगी स्टोन क्रशर और सतलुज स्टोन क्रशर शामिल हैं।
पर्यावरण संरक्षण के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में अन्य औद्योगिक इकाइयों पर भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि एनजीटी के आदेशों को लागू किया जा सके। - प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुनानगर।