माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। राज्य कर्मचारी चयन आयोग की महिला पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गई। दूसरे दिन रविवार को सुबह व शाम दोनों सत्रों में कुल 41900 महिला परीक्षार्थियों ने परीक्षा देनी थी, लेकिन 18463 युवतियां ही परीक्षा देने पहुंची। वहीं परीक्षा केंद्रोें के आसपास सुबह से देर शाम तक जाम के हालात बने रहे।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने दोनोें सत्रों में स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल सेक्टर-17, न्यू ऐरा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माडल कॉलोनी, गुरु नानक खालसा कॉलेज, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, एमएलएन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल व नेशनल पब्लिक स्कूल कैंप में बनाएं गए परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक परीक्षा केंद्र में मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट जांच दस्ते में शामिल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों से बातचीत की।
पहले सत्र की परीक्षा सुबह 10:30 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई और दूसरे सत्र की परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुई। उपायुक्त ने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और जैमर की जांच की और इस बारे केंद्र अधीक्षकों से भी जानकारी ली और आयोग की ओर से जारी हिदायतों की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीवी व जैमर का कार्य देख रहे एजेंसी के कर्मचारियों के भी पहचान पत्रों की जांच की।
उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों को भी मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए और बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति का परीक्षा केंद्र में प्रवेश न देने की हिदायत दी। इसके अतिरिक्त राज्य कर्मचारी चयन आयोग के उड़न दस्ते में शामिल आयोग के सदस्य सचिन जैन व सहायक प्रतिनिधि राकेश कुमार दहिया ने भी परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। वहीं शनिवार से ही महिला परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। काफी संख्या में युवतियों और परिजनों को होटलों में रूम तक नहीं मिले और उन्हें अपनी गाड़ी में ही रात गुजारनी पड़ी। परीक्षा के चलते शहर में सुबह से देर शाम जाम के हालात बने रहे।
परीक्षा देने आई युवती स्पीड ब्रेकर पर गिरकर जख्मी
पानीपत से परीक्षा देने रादौर आई युवती स्पीड ब्रेकर पर गिरकर जख्मी हो गई। पानीपत निवासी युवती रिंकी ने बताया कि रविवार सुबह वह पानीपत से रादौर पहुंची थी। राजकीय महाविद्यालय के सामने संतुलन बिगड़ने से वह बाइक से गिर गई। इससे उसके पैर व हाथ में चोट आई। राहगीरों की मदद से उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया और उसकी मरहम पट्टी करवाई गई। चोट की वजह से वह परीक्षा नहीं दें पाई। उसका शाम के सत्र में पेपर था। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि कॉलेज के सामने बनाए गए ब्रेकर की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की तरफ से इन में सुधार नहीं किया जा रहा।