संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। नगरपालिका की अनदेखी के कारण साढौरा का खेल स्टेडियम बदहाली का शिकार है। मैदान में काफी समय से नियमित सफाई न होने से घास बढ़ गई है और जगह-जगह पॉलिथीन, कूड़ा-कचरा और शराब की टूटी बोतलें थी। बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव की समस्या है। अभ्यास करने में परेशानी होने पर 170 खिलाड़ियों ने मैदान की सफाई की।
खिलाड़ी तान्या, ज्योति, सलोनी, ललित और मोहित ने बताया कि नगर पालिका के कर्मचारी काफी समय से स्टेडियम की सफाई के लिए नहीं आ रहे हैं। मैदान में घास काफी बढ़ गई है और कांच की बोतलें व कचरा बिखरा होने से दौड़ने और अभ्यास करने में परेशानी होती है। इससे खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत करवाया गया। लेकिन समाधान नहीं हुआ।
कोच नायब सिंह ने बताया कि जलभराव से मैदान में मच्छरों की भरमार है। घास और कचरे के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि 170 युवा खिलाड़ियों ने अभियान चलाकर मैदान की सफाई की। खिलाड़ियों की मेहनत के बावजूद मूलभूत व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन को निभानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से स्टेडियम में नियमित सफाई के लिए कर्मचारी और चौकीदार नियुक्त करने, घास की कटाई, जल निकासी और मैदान का समतलीकरण कराने की मांग की। कोच ने कहा कि खिलाड़ी मेहनत कर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करना चाहते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। समय रहते स्टेडियम का रखरखाव नहीं किया गया तो खेल प्रतिभाओं को नुकसान हो सकता है।
खेल स्टेडियम के विकास, मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए बजट की मांग भेजी गई है। जल्द ही बजट मंजूर हो जाएगा, जिसके बाद सभी काम करा दिए जाएंगे। -शालिनी शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष।