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Yamuna Nagar News: जम्मू कॉलोनी की 16 महिलाएं जल प्रबंधन पर दिल्ली में देंगी प्रजेंटेशन

Mon, 09 Mar 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर में घरों से पानी के सैंपल लेतीं जम्मू कॉलोनी की महिलाएं। स्वयं
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राजेश कुमार,
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यमुनानगर। शहर की जम्मू कॉलोनी की महिलाओं ने जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर एक नई मिसाल कायम की है। इन महिलाओं की सक्रिय भूमिका और नवाचार को देखते हुए कॉलोनी की 16 महिलाओं को 13 मार्च को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। यहां वे केंद्रीय मंत्रियों और देशभर से आए प्रतिनिधियों के सामने अपने कार्यों की प्रेजेंटेशन देंगी। इन महिलाओं के काम से प्रभावित होकर केंद्रीय जल मंत्रालय की टीम ने उनकी गतिविधियों पर एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की है। डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए मंत्रालय की टीम दो दिन तक जम्मू कॉलोनी में रही और महिलाओं की दैनिक गतिविधियों को करीब से देखा। टीम ने सुबह घर से निकलने से लेकर लोगों से मिलने, पानी के सैंपल लेने और कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों तक की पूरी प्रक्रिया को कैमरे में कैद किया।
जम्मू कॉलोनी की महिलाएं अमृत मित्र योजना के तहत कार्य कर रही हैं। यह योजना आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की पहल है, जो अमरुत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को जल प्रबंधन और जल गुणवत्ता परीक्षण से जोड़ती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को जल संबंधी परियोजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर पानी के सैंपल एकत्रित करने, लोगों को नए पानी के कनेक्शन दिलाने, कनेक्शन का डाटा ऑनलाइन करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ मां के नाम अभियान को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। पानी के कनेक्शन को लोगों की फैमिली आईडी और जीमेल से लिंक कर ऑनलाइन डाटा भी तैयार किया जा रहा है।
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4800 सैंपल ले चुकी हैं महिलाएं:
पिछले दो वर्षों में ये महिलाएं करीब 4800 पानी के सैंपल एकत्रित कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के तहत 25 एमएलडी के एसटीपी परिसर में 500 और 10 एमएलडी के एसटीपी परिसर में 195 पौधे लगाए हैं। इन पौधों की एक वर्ष तक देखभाल की जिम्मेदारी भी इन्हीं महिलाओं को दी गई है। महिलाओं ने अपने स्तर पर एक ड्रेस कोड भी निर्धारित किया है और पहचान के लिए आईडी कार्ड भी बनवाए हैं। इसी ने केंद्रीय टीम का ध्यान अपनी और खींचा। उनके काम का एक और अनूठा पहलू यह है कि जहां भी वे पानी के सैंपल लेने जाती हैं, वहां से प्लास्टिक की खाली बोतलें भी एकत्रित करती हैं। इन बोतलों का उपयोग पौधों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने और पौधों को पानी देने के लिए किया जाता है। बोतल में पानी भरकर पौधे के पास लटका दिया जाता है, जिससे बूंद-बूंद करके पानी जड़ों तक पहुंचता रहता है और पौधा सूखने से बचा रहता है। जम्मू कॉलोनी में यह कार्य सात स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। पानी के कनेक्शन का डाटा ऑनलाइन करने के लिए अवनी ग्रुप की प्रधान पूजा भट्ट, वंशिका ग्रुप की प्रधान विनिता और विनायक ग्रुप की प्रधान मीनू काम कर रही हैं। वहीं एक पेड़ मां के नाम अभियान में मुकंद ग्रुप की प्रधान निर्मला यादव, ईशा ग्रुप की प्रधान सुशील पासी और दक्ष ग्रुप की प्रधान आरती सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पानी के सैंपल लेने की जिम्मेदारी गायत्री ग्रुप की प्रधान रजनी संभाल रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कुल 25 महिलाओं में से 16 महिलाएं दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगी, जबकि बाकी महिलाएं व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी। दिल्ली में प्रस्तुति देने को लेकर सभी महिलाएं काफी उत्साहित हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन दिनेश गाबा का कहना है कि जम्मू कॉलोनी की महिलाएं जल प्रबंधन में अच्छा काम कर रहीं हैं। इसलिए अब वह दिल्ली तक जा रही हैं।
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यमुनानगर में घरों से पानी के सैंपल लेतीं जम्मू कॉलोनी की महिलाएं। स्वयं

यमुनानगर में घरों से पानी के सैंपल लेतीं जम्मू कॉलोनी की महिलाएं। स्वयं

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