यमुनानगर। नगर निगम अतिक्रमण हटाने व इसके विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर चाहे जितने भी ढोल पीट ले, लेकिन जमीनी स्तर पर यह सब शून्य है। यह नगर निगम स्वयं स्वीकार करता है। नगर निगम की लाचारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अतिक्रमण को लेकर मांगी गई एक आरटीआई में निगम ने कहा कि इसमें वे असमर्थ है। आरटीआई में नगर निगम ने कहा कि वे अतिक्रमण हटाते हैं, लेकिन रेहड़ी, फड़ी, दुकान संचालक इसकी पालना नहीं करते। यही नहीं आरटीआई में मांगी गई जानकारी भी नगर निगम ने अधूरी मुहैया करवाई। यही कारण है कि शहर की सड़के सिमट रही हैं, वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। यही इतना नहीं नगर निगम ने अब अतिक्रमण को लेकर सख्ती करना भी छोड़ दिया है। जिसके चलते 50 फीट की रोड सिमट कर 10 फीट रह गई है।
यह मांगी थी आरटीआई में जानकारी
भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष भीमसेन गर्ग ने शहर की संकुचित हो रही सड़कों को लेकर नगर निगम में आरटीआई लगाई थी। जिसमें उन्होंने जानकारी मांगी थी कि क्या नगर निगम की ओर से अतिक्रमण करवाया जा रहा है। आरटीआई के चार मुख्य बिंदु थे।
1. जगाधरी नगर निगम कार्यालय के बाहर त्रिमूर्ति चौक जहां देश के तीन प्रधानमंत्रियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां सब्जी की स्थाई व अस्थाई दुकानों की अनुमति नगर निगम के द्वारा दी गई है, या ट्रैफिक पुलिस ने स्वीकृति दी है।
2. क्या नगर निगम सड़कों पर बनी इन स्थाई व अस्थाई दुकानों से कर वसूलता है या किसी प्रकार की पर्ची काटी जाती है।
3. पत्थर वाला बाजार जगाधरी में रेहड़ियां नगर निगम जगाधरी कार्यालय से लेकर पूर्व पार्षद डॉ. एसके गुप्ता की दुकान तक पहुंच गई है। इन्हें किसने अनुमति दी है या किसी अधिकारी का इन्हें संरक्षण प्राप्त है।
4. पत्थर वाला बाजार, सिविल लाइन, पंसारी बाजार, देवी भवन बाजार, स्कूल रोड सहित शहर की अन्य सड़कों पर लगी रेहड़ी, फड़ियां, अवैध दुकानें व अवैध कब्जा हटाना नगर निगम का काम है या ट्रैफिक पुलिस का।
यह मिली जानकारी
नगर निगम ने आरटीआई में मांगी सूचना का जवाब बड़ी ही मासूमियत से दिया। जैसे बच्चे मॉनीटर की बात नहीं मानते उसी प्रकार नगर निगम का जवाब मिला। जवाब में नगर निगम ने कहा कि एक से तीन बिंदु के सवाल शून्य समझे जाएं। वहीं चौथे बिंदु का जवाब दिया कि पुलिस बल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरे शहर में अभियान चलाया गया था। लेकिन संबंधित रेहड़ी, फड़ी वाले व दुकानदार इसका पालन नहीं करते।
शाम के समय जाम में थम जाता है पूरा शहर
रेलवे स्टेशन रोड से बुड़िया चुंगी, भगत सिंह चौक से जगाधरी वर्कशॉप चौक, यमुनानगर छोटी लाइन से जगाधरी सिविल लाइन, मॉडल टाउन, न्यू मार्केट, जगाधरी में नगर निगम कार्यालय के पास, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, शिब्बू मखन धर्मशाला, पंजाबी धर्मशाला, इंदिरा मार्केट, मारवाड़ी धर्मशाला, जैन मंदिर, नगर निगम कार्यालय से सिविल लाइन, पत्थर वाला बाजार, राजा चौक, खेड़ा मंदिर बाजार, चौक बाजार, पंसारी बाजार, सब्जी मंडी, शमशान भूमि, इंदिरा कॉलोनी, बुड़िया चौक, स्कूल रोड पर अतिक्रमण के कारण सड़के सिकुड़ गईं हैं। जिस कारण वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। इन सड़कों से वाहन निकालने पर जाम लग जाता है। शाम के समय स्थिति अति विकट हो जाती हैै। शाम के समय पूरा शहर जाम में थम सा जाता है। पंद्रह मिनट का रास्ता तय करने में पौना घंटा लग जाता है। आपातकाल में फायर ब्रिगेड व अन्य सहायता पहुंचाना नामुमकिन सा है।
सीएम, सांसद को पत्र भेज कार्रवाई की मांग
भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष भीमसेन गर्ग ने आरटीआई में मिले जवाब की एक कॉपी, सीएम मनोहर लाल व सांसद रतन लाल कटारिया के पास भेजी है। भीमसेन गर्ग ने पत्र लिखकर सीएम से इस पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रेहड़ी, फड़ी वालों को निर्धारित जगह दी जाए व अवैध कब्जे हटाए जाएं।
आरटीआई के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसके बारे में ईओ से जानकारी लेकर ही कुछ कहा जा सकता है। नगर निगम अतिक्रमण को लेकर गंभीर है। अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
पूजा चावरिया, कमिश्नर, नगर निगम