यमुनानगर। एमबीए कर रहे एक युवक की किडनियां खराब हो गई। डॉक्टरों ने जिंदगी बचाने के लिए नियमित डायलिसिस शुरू की, लेकिन डायलिसिस भी उसके शरीर को बर्दाश्त नहीं हुई। अपने देवर की जिंदगी बचाने के लिए उसकी भाभी सामने आई और मिसाल कायम करते हुए अपनी एक किडनी दान कर दी। किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन और कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ.नीरज गोयल ने भाभी की किडनी देवर को ट्रांसप्लांट की। यमुनानगर निवासी 32 वर्षीय सतिंदर कुमार एमबीए करने के बाद अपने कैरियर में आगे बढ़ रहा था कि लगभग एक साल पहले उसके स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आई। भूख कम लगने लगी और बार-बार उल्टी आती और कमजोरी भी हो गई। इसका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में नहीं आ रहा था। चेकअप के बाद पता चला कि उसकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और फेल होने के अंतिम चरण में हैं। उसकी दोनों किडनियां सिकुड़ गई थीं। ऐसे में उसकी 35 वर्षीय भाभी सुनीता जान बचाने के लिए आगे आई।