खिजराबाद। यमुनानगर के हथिनी कुंड बैराज से अपने हिस्से का पानी लेने के लिए राजस्थान तरस रहा है। मसले को 23 साल बीत चुके, लेकिन अब तक एक बूंद भी नहीं मिली। हिस्से का पानी लेने के लिए राजस्थान सरकार व सिंचाई विभाग की तरफ से कई बार हरियाणा सरकार को पत्र भी लिखा जा चुका, किंतु मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। वहीं बुधवार को राजस्थान के सिंचाई विभाग के एसई, एक्सईन अधिकारियों ने हथिनी कुंड बैराज का दौरा किया।
बैराज के उद्घाटन पर पांच राज्यों के सीएम की बनी थी सहमति
बता दें कि साल 1994 में हथनीकुंड बैराज के उद्घाटन पर पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष हरियाणा, दिल्ली, यूपी, हिमाचल प्रदेश व राजस्थान राज्यों को पानी का हिस्सा देने की सहमति बनी थी। जबकि बैराज का निर्माण कार्य वर्ष 1997 से 2001 तक चला। यही नहीं बरसात के सीजन के तीन महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर में राजस्थान को पानी का शेयर देना था और तब से अब तक राजस्थान को अपने हिस्से के पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई।
योजना सिरे चढ़ी तो खर्च होंगे 25 हजार करोड़ रुपये
हालांकि हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पानी ले जाने के लिए राजस्थान के सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार दौरा किया जा चुका है। परंतु इतने साल बीत जाने के बाद भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। यदि योजना सिरे चढ़ी तो लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से हथनीकुंड बैराज के आरडी नौ सौ से राजस्थान के चुरू जिले में बरसात के सीजन का पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान सिंचाई विभाग की ओर से प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
पाइपों के माध्यम से ले जाया जाएगा पानी
अधिकारियों के अनुसार हथनीकुंड बैराज से बरसात के सीजन के तीन महीने पाइपों के माध्यम से राजस्थान तक पानी ने जाने की योजना है। इसके लिए सरकार की अप्रूवल और वन विभाग, एनवायरमेंट आदि विभागों से एनओसी लेने पड़ेगी। इसके बाद ही इस योजना पर कार्य शुरू हो पाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से भी इस योजना को अधर में लटकाया हुआ है। हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पानी ले जाने के लिए तीन मीटर चौड़ाई के पांच पाइपों के माध्यम से करीब 577 एमसीएम लगभग 1900 क्यूसिक पानी ले जाने की योजना है।
राजस्थान के सीएम भी कर चुके हैं पत्राचार
इस मसले को लेकर राजस्थान के सीएम भी कई बार हरियाणा के साथ पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन इस मसले पर किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। राजस्थान सिंचाई विभाग की ओर से हरियाणा सरकार से अप्रूवल लेने के लिए कई बार कार्यवाही की गई, किंतु योजना सरकार सिरे नहीं चढ़ पाई।
राजस्थान में स्टोर किया जाएगा पाकनी
योजना के अनुसार हथनीकुंड बैराज से राजस्थान राजगढ़ तहसील जिला चुरू तक पानी ले जाया जाएगा। चुरू तक ले जाया गया बरसात का पानी राजस्थान में स्टोर किया जाएगा। जिसे वहां सिंचाई के काम में लाया जाएगा। हथनीकुंड बैराज से जिला चुरू तक लगभग 270 किलोमीटर के एरिये में पाइप बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस मौके पर राजस्थान के एसई के साथ टीम में एक्सईएन, जेई, कंसलटेंट, स्थानीय एसडीओ धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
पुराने एग्रीमेंट के अनुसार हथनीकुंड बैराज से राजस्थान के शेयर का पानी आज तक राजस्थान को नहीं मिला है। इसके लिए राजस्थान सरकार की ओर से कई बार हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया, लेकिन हरियाणा ने इसके लिए अप्रूवल नहीं दी। यदि यह योजना सिरे चढ़ी तो इस पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आने का अनुमान है लेकिन इसके लिए अभी सरकार और कई विभागों से अप्रूवल मिलने का इंतजार है।
-सुरेंद्र बिजावत, जयपुर सर्कल के एसई।