यमुनानगर। रोडवेज डिपो से हटाए गए 11 कच्चे चालक कर्मचारियों के समर्थन में दूसरी यूनियनें भी आगे आ गईं। यूनियनों ने कर्मचारियों के समर्थन में अपना संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया है। मंगलवार को तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति यूनियन ने वर्कशॉप में पहले मीटिंग की। उसके बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड गए। यहां उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तालमेल कमेटी के डिपो प्रधान रतन सिंह कलानौर व देव सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को इस तरह से हटाया जाना गलत है जिसकी सभी कर्मचारी निंदा करते हैं क्योंकि यह कर्मचारी हैं जिन्होंने बुरे वक्त में रोडवेज का साथ दिया। अब इन्हें इस तरह से हटाना ओछी बात है, बल्कि विभाग को इनके कार्य को देखते हुए पक्का किया जाना चाहिए।
2016 में लगे थे कर्मचारी
रतन सिंह ने कहा कि यह रोष प्रदर्शन पूरे राज्य में पहले से तय कार्यक्रम के तहत किया गया है। साल 2016 में पार्ट टू के तहत लगे चालकों और पार्ट-वन के तहत लगे कर्मचारियों को परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने आचार संहिता के बीच तुगलकी फरमान जारी कर नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि जब विभाग को इन कर्मचारियों की जरूरत थी, तब इनसे काम लिया गया। और अब एक फरमान जारी कर उन्हें हटा दिया गया जोकि गलत है। उन्होंने कहा कि यह चालक पूरी तरह प्रशिक्षित हैं व ईमानदारी से अपना कार्य कर रहे थे। लेकिन मुख्य सचिव ने इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे कर्मचारियों में गहरा रोष है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित किया जाए।