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करनाल के बाद यमुनानगर में बनेगी पहली डीपीएचएल लैब, आचार संहिता हटते ही होगा शुभारंभ

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करनाल के बाद यमुनानगर पहला ऐसा जिला होगा, जहां डीपीएचएल यानी डिस्ट्रिक्ट पब्लिक हेल्थ लैब होगी। यह लैब पूरी तरह से अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगी। स्वास्थ्य विभाग को यह लैब स्थापित करने के लिए परमिशन मिल गई है। आचार संहिता हटते ही इसका शुभारंभ हो जाएगा। यह लैब इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेस प्रोग्राम (आईडीएसपी लैब) के अंडर कार्य करेगी। लैब हर प्रकार के वाटर बोर्न डिजीज, मसलन, ब्लड के कल्चर टेस्ट, डेंगू, चिकनगुनिया, सिफलोसिस, टायफायड, हैजा, पीलिया, यूरिन कल्चर, हैपेटाइटिस-ए व ई व खून से संबंधित टेस्ट हो सकेंगे।

सैंपलों को करनाल भेजने की जरूरत नहीं
वर्तमान में सैंपलों को जांच के लिए करनाल स्थित स्टेट लैब में भेजा जा रहा है, जिनकी रिपोर्ट आने में एक सप्ताह या इससे अधिक का समय लग जाता है। जबकि रिपोर्ट 24, 48 व 72 घंटे के अंदर देनी होती है। दरअसल, करनाल में ही स्टेट लैब है जहां तकरीबन सभी प्रकार के सैंपलों की जांच होती है। लैब में काम ज्यादा होने से दूसरे सैंपलों की रिपोर्ट में देरी हो जाती है, परंतु अब जिले में भी जल्द ही इस तरह की लैब खुल जाएगी। जिसके बाद सैंपलों को जांच के लिए दूसरी जगह पर भेजने की नौबत नहीं आएगी। सबसे महत्वपूर्ण यह कि डीपीएचएल लैब में उन सभी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा भी सहेजा जाएगा, जिससे इन बीमारियों के बढ़ने व घटते स्तर की जानकारी मिलती रहेगी।
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माइक्रोबॉयोलोजिस्ट की हुई नियुक्ति
हालांकि आचार संहिता हटते ही लैब का शुभारंभ हो जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लैब के लिए माइक्रोबॉयोलोजिस्ट डॉक्टर तैनाती कर दी गई है। इनके साथ दो एलटी (लेबोरेट्री टेक्निशियन) व एक हेल्पर होगा। माइक्रोबॉयोलोजिस्ट ही सभी टेस्ट को पास करेगा। उसके बाद ही सैंपल मान्य होगा। विभाग के मुताबिक एक माह में स्टेट लैब में जांच के लिए 60 से अधिक नमूनों को भेजा जाता है। यमुनानगर के बाद अंबाला में यह लैब खोलने का भी प्रस्ताव है।

लैब के लिए यह मशीन खरीदी गई
मशीन नाम लागत
बॉयो सेफ्टी कैबिनेट 57230
ऑटोक्लेव 43070
सेर्टिफ्यूगल मशीन 25960
वाटर बॉथ 10030
विंगिंग मशीन 2950
मिक्सर 4484
निडल साइरिंग डेस्ट्रॉयर 1003
हॉट ऐयर ओवन डिजिटल 21830
इनक्यूबेटर डिजिटल 21830
माइक्रो पाइएपीटी 58410
लैब इलेक्ट्रॉनिक मेटिरियल एम्पेंसिव 2300

पूरी तरह से फ्री होंगे टेस्ट-
इस लैब में 11 प्रकार के टेस्ट जिसमें हैजा, इंट्रिक फीवर( टाइफेड), यूटीआई, जेई, खसरा, डेंगू, हैपेटाइटिस-ए व ई, पानी के सैंपल शामिल हैं। जोकि पूरी तरह से मुफ्त होंगे। बता दें इनमें कई टेस्ट ऐसे हैं जिनका प्राइवेट अस्पताल में 600 से 1800 रुपये तक टेस्ट होता है। लेकिन लैब चालू होने पर यह टेस्ट पूरी तरह से फ्री होंगे।
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करनाल के बाद यमुनानगर पहला ऐसा जिला होगा जहां आईडीएसपी के तहत डीपीएचएल लैब खुलेगी। लैब से संबंधित मशीनें खरीदी जा चुकी तथा माइक्रोबॉयोलोजिस्ट डॉक्टर रख लिया गया है। जिसके अंडर दो एलटी और एक हेल्पर कार्य करेगा। लैब कहां खोली जाएगी इसके लिए जगह भी चिह्नित की जा रही। आचार संहिता हटते ही लैब का शुभारंभ हो जाएगा।
-डॉ. विजय दहिया, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
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