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रेलवे कॉरिडोर के लिए चल रही खुदाई में मिला कंकाल, लोगों ने किया हंगामा

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रेलवे कॉरिडोर के लिए चल रही खुदाई में मिला कंकाल, लोगों का हंगामा
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-कुछ समय पहले तक बाबा पीर हकीमूद्दीन शाह की थी मजार
-मजार के सेवादार जेपी कपूर ने मई 2016 को ली थी समाधि, परिजनों ने उन्हीं का कंकाल बताया।
-पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।
अमर उजाला ब्यूरो
जगाधरी वर्कशॉप। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए शुक्रवार को जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन के पास चल रही खुदाई के दौरान एक नर कंकाल निकला। यह कंकाल उस जगह मिला जहां बाबा पीर हकीमूद्दीन शाह की मजार थी। कंकाल मिलने की जानकारी लगते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मजार दोबारा इसी जगह के आसपास स्थापित करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि यह मजार सैकड़ों साल पुरानी है। इससे उनकी आस्था जुड़ी है। जीआरपी और फर्कपुर पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को शांत किया लेकिन जब पोस्टमार्टम के लिए कंकाल को कब्जे में लेने लगे तो लोगों ने रोकते हुए कहा कि पहले बाबा के गोद लिए बेटे सुधीर को बुलाया जाए, क्योंकि यहां सेवादार जेपी कपूर ने समाधि ली थी। पुलिस ने फोन कर सुधीर कपूर को बुलाया। सुधीर ने बताया कि कंकाल उनके पिता का है। उसके बाद कंकाल के मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया गया

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सेवादार ने तीन साल पहले ली थी समाधि
लोगों का कहना है कि मई 2016 में मजार के सेवादार जेपी कपूर ने समाधि ली थी। कुछ समय पहले रेल कॉरिडोर का निर्माण शुरू हुआ तो रेलवे अधिकारियों ने इस मजार को यहां से हटवा दिया था। बाबा के गोद लिए बेटे ने मजार को यहां से उठा कर दूसरी जगह स्थापित कर दिया था। परिजनों ने भी कंकाल को जेपी कपूर का ही बताया।
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चालीस साल से कर रहे थे सेवा
लोगों ने बताया कि बाबा पीर हकीमूद्दीन शाह की मजार पर विष्णु नगर निवासी बाबा जेपी कपूर 40 साल से सेवा कर रहे थे। वह 13 मई 2016 को समाधि लीन हुए थे। मजार के बाहर खाली पड़ी जगह उनकी समाधि बनाई गई थी। उनकी जगह उनके गोद लिए बेटे सुधीर कपूर को गद्दी मिल गई, लेकिन जिस जगह पर पीर की मजार बनी थी। वह रेलवे की जगह थी। पिछले साल नवंबर में रेलवे द्वारा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने के लिए मजार को तोड़ दिया गया था।

वीरवार को हुआ था कार्यक्रम
सेवादार हरदीप सिंह, हरजिंद्र, विक्रम, रवि, सुनील, जसविंद्र कौर, रेनू व आस्था का कहना है कि इस प्रकार से बाबा का कंकाल मिलने से सभी लोग हैरान हैं। क्योंकि कुछ समय पहले ही सुधीर कपूर द्वारा कहा गया था कि उन्होंने पिता को दूसरी जगह स्थापित कर दिया है। मगर अब यह कंकाल किसका है, बड़ा सवाल है। लोगों का कहना है कि उन्होंने वीरवार को बाबा के पुराने स्थान पर भंडारा और कव्वाली कार्यक्रम करवाया था।

रेलवे ने मजार यही रहने की बात कही थी
पीर बाबा की मजार पर बड़ी संख्या में भक्तों का आना-जाना रहता था। फ्रेट कॉरिडोर का काम शुरू होने के मजार का कुछ हिस्सा तोड़ा गया था। उस समय रेलवे अधिकारियों ने कहा था कि बाबा की मजार को यहीं रहने दिया जाएगा। मगर यहां और भवन निर्माण नहीं होना चाहिए। जिसे लेकर भक्तों ने एतराज भी किया था।
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वर्जन
-कंकाल मिलने की सूचना पर मौके पर पुलिस गई थी। लोगों द्वारा बाबा जेपी कपूर के गोद लिए बेटे सुधीर कपूर को बुलाया गया था। उसने इसकी शिनाख्त की है, जिसके बाद लोग शांत हुए। कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया गया है। मामले में पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
-सुरेश कुमार, एसएचओ, जीआरपी।
फोटो- 28 से 31
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