-104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए 58 किसानों की करीब 40 एकड़ जमीन की गई अधिगृहीत
-मुआवजा देने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारी रुपये की डिमांड कर रहे हैं तैयार
जठलाना। नगली घाट के पास यमुना नदी पर पुल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी किसानों के लिए मुआवजे की डिमांड तैयार कर रहे हैं ताकि सरकार से धनराशि लेकर समय पर किसानों को उनका मुआवजा दिया जा सके। यहां नगली घाट पर करीब 104 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जाना है। जिसमें क्षेत्र के 58 किसानों की करीब चालीस एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक किसानों को अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि दे दी जाएगी। मुआवजा वितरित होते ही इस पुल के निर्माण से यूपी-हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यमुना पार आने-जाने किसानों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
चालीस एकड़ भूमि का होना है अधिग्रहण
यमुनानदी पर बनने वाले इस पुल की सड़क की कुल लंबाई पांच किलोमीटर की होगी। जिसमें करीब एक किलोमीटर का पुल का हिस्सा भी शामिल होगा। जिसके लिए करीब 58 किसानों की करीब 40 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पुल के निर्माण के लिए कृष्णा एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दे दिया गया है।
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किसानों के लिए वरदान होगा
यूपी को जोडने वाला यह पुल न केवल राहगीरों बल्कि स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होगा। क्योंकि जठलाना-गुमथला क्षेत्र के बहुत से किसानों की सैंकड़ों एकड़ भूमि यमुना पार पड़ती है। जिसके लिए उन्हें हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर अपने खेतों में जाना पड़ता है। जब तक यमुनानदी पर बना अस्थाई पुल सही रहता है तब तक तो उसकी समस्या कुछ कम रहती है, लेकिन जैसे ही यमुना में पानी बढ़ता है तो किसानों के सामने समस्या बड़ी हो जाती है। उन्हें या तो लंबी दूरी तय कर यमुना पार जाना पड़ता है या फिर अपनी जान का जोखिम लेकर यमुनानदी पार करनी पड़ती है।
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पुल के निर्माण में तेजी लाने की मांग
किसान विनोद कांबोज, चरण सिंह, प्रताप राणा, शुभम संधाला, हरजीत सिंह, महिंद्र सिंह, बिट्टू और प्रताप इत्यादि ने बताया कि उनकी भूमि का पुल के निर्माण के लिए अधिग्रहण होना है। उन्होंने कागजी कार्रवाई पूरी कर दी है। सभी किसान चाहते है कि पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो। क्योंकि अब खेतों में खड़ी फसल कटने का समय है। फसल कटने के बाद अगर निर्माण कार्य शुरू हो जाता है तो वह अपने खेतों में नई फसल की बिजाई नहीं करेंगे, लेकिन अगर समय लगा तो वह अपने खेत खाली नहीं छोड़ेंगे।
वर्जन
-किसानों की अधिग्रहण भूमि के लिए दी जाने वाली मुआवजा राशि के लिए डिमांड तैयार हो रही है। जिसे जल्द ही पूरी कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। वहां से मुआवजा राशि मिलते हर उसे किसानों को दे दिया जाएगा। मुआवजा दिए जाने के तुरंत बाद निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया जाएगा। उम्मीद है कि आगामी 15 दिनो तक यह कार्य पूर्ण हो जाएंगा।
-ऋषि सचदेवा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
फोटो नंबर 06