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अभिभावकों के आगे झुका स्कूल प्रबंधन, सीबीएसई से 2

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अभिभावकों के आगे झुका स्कूल प्रबंधन, सीबीएसई से 28 बच्चों के इनरोलमेंट नंबर जारी करवाएं
12 बच्चों के अभी भी अटके हैं इनरोलमेंट नंबर, प्रबंधन ने जल्द जारी करने का आश्वासन दिया
हालात न बिगड़े इसलिए स्प्रिंग डेल्स स्कूल के बाहर फोर्स तैनात कर पहुंचे डीएसपी
अभिभावकों को ढाई घंटे तक डीएसपी ने समझाया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
9वीं से 10 में पहुंचे विद्यार्थियों के इनरोलमेंट नंबर व ट्रांसफर सर्टिफिकेट को लेकर मंगलवार को स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल में अभिभावकों की डीएसपी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। अभिभावकों के आक्रोश के चलते स्कूल प्रबंधन को आखिर झुकना पड़ा और 40 में से 28 बच्चों का इनरोलमेंट नंबर सीबीएसई से जारी करवा दिया। जबकि 12 बच्चों का इनरोलमेंट नंबर अभी भी अटक गया है। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही बाकी बच्चों का इनरोलमेंट नंबर भी जारी करवा दिया जाएगा। इसके लिए इन विद्यार्थियों को आधार नंबर व सीबीएसई के रिजनल मैनेजर के नाम एप्लीकेशन लिखवाई गई। वहीं डीएसपी की मौजूद
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अब आपस में भिड़ गए अभिभावक
ढ़ाई घंटे तक चली मीटिंग में हालात न बिगड़े, एसलिए पहले ही स्कूल के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई थी। इसके बावजूद डीएसपी सुभाष चंद के सामने ही अभिभावक आपस में भिड़ गए। माहौल गर्म हो गया और वे एक-दूसरे पर गलत आरोप लगाने शुरू कर दिए। मामला बढ़ता देख डीएसपी ने दखलअंदाजी कर उन्हें बाहर निकाला और शांत करवाया। डीएसपी ने अभिभावकों को शांति बनाए रखने की अपील।
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20 मार्च को ये कर्मचारी जाएंगे सीबीएसई
जिन 12 बच्चों के इनरोलमेंट रह गए, उनके दस्तावेज लेकर प्रशासन की तरफ से एक थानेदार, एक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कर्मचारी और विश्वभारती पब्लिक स्कूल का टीचर लेकर जाएगा। उसके बाद ही वहां से इनरोलमेंट नंबर मिलने की उम्मीद है।
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डीएसपी पूछे सवाल
दरअसल, इनरोलमेंट नंबर व टीसी को लेकर डीएसपी सुभाष चंद अभिभावकों को समझाने आए थे। लेकिन कई अभिभावकों ने उनसे ही सवाल करने शुरू कर दिए। हालांकि डीएसपी ने उन्हें समझाया, परंतु कई अभिभावक फिर उनसे कई सवालों को लेकर बहस करने तक उतारू हो गए।
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सड़क जाम करने की थी तैयारी
यही नहीं यदि डीएसपी आधा घंटे तक मीटिंग में नहीं आते तो गुस्साए अभिभावक सड़क जाम करने की तैयारी में थे। क्योंकि मीटिंग का समय 11 बजे का रखा गया था। उस दौरान न तो पुलिस की तरफ से कोई आया था और न ही स्कूल की तरफ से। ऐसे में अभिभावकों ने रोड जाम करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
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अभिभावक बोले, हमें धमकाया जा रहा है
मीटिंग में कई अभिभावकों ने विश्वभारती स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कई बार स्कूल में मीटिंग के लिए जा चुके हैं। वहां उन्हें डराया व धमकाया जाता है जिसके चलते वे भय के माहौल में जी रहे हैं।
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दोबारा ऐसी गलत न हों करेंगे केस
अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों के साथ जो हुआ सो हुआ। आगे किसी के तरह इस तरह का न हो। इसके लिए वे दोनों स्कूल संचालको को सबक सिखाना चाहते हैं। वे उनपर केस करना चाहते हैं। इसपर डीएसपी ने कहा कि अगर वे चाहते हैं तो कर सकते हैं।
बॉक्स: 35 बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
दरअसल स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल के पास दसवीं तक की मान्यता नहीं थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने विश्व भारतीस्कूल से समझौता कर दसवीं तक की क्लास शुरू कर दी। इन दोनों के बीच किसी बात को अनबन हो गई और स्प्रिंग डेल्स स्कूल के बच्चों के डॉक्यूमेंट देरी से सीबीएसई में भेजे गए। जिसके चलते रोल नंबर जारी नहीं किए गए। ऐसे में ये बच्चे रेगूलर दसवीं की परीक्षा देने से वंचित रहे। इस संबंध में शिक्षा विभाग की तरफ से दोनों स्कूलों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआइआर भी दर्ज करवाई गई है। वहीं इन स्कूलों के बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है और अधिकतर अभिभावक दूसरे स्कूलों में एडमिशन करवाना चाहते हैं, लेकिन इन स्कूलों के प्रबंधक अभी भी अड़ियल रवैया अपना रहे हैं और उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट और इनरोलमेंट नंबर जारी करवाने में आनाकानी कर रहे हैं। जिससे अभिभावकों में रोष है।
वर्जन
सीबीएसई ने 40 में से 28 बच्चों के इनरोलमेंट लिस्ट जारी की है बाकी 12 के दस्तावेजों कुछ खामी होने के चलते जारी नहीं हो पाए। इसलिए उनसे एप्लीकेशन व आधार कार्ड साथ लगाने के बाद उन्हें दोबारा से भेजा जाएगा। 25 मार्च के बाद इन्हें भी मिल जाएंगे।
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-सुभाष चंद, डीएसपी।
वर्जन
सीबीएसई बोर्ड दिल्ली में एक पुलिस, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय व विश्वभारती स्कूल की तरफ से कर्मचारी बाकी के बच्चों के दस्तावेज लेकर जाएंगे। उसके बाद उन्हें भी नंबर मिल जाएगा।
-जय सिंह जुल्का, बीईओ।
फोटो-17 से 21 तक
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