नर्स पत्नी और डेढ़ साल के मासूम की गला दबा पहले की हत्या बाद में रेल के सामने कूद कर किया सुसाइड
प्यार का खौफनाक अंत, जिनसे था सबसे ज्यादा प्यार, उन्हें गला घोंट कर मारा
लीड
फेसबुक पर लगा रखी पत्नी के साथ फोटो की डीपी, बेटे के घर में लगा रखे से फोटो
यमुनानगर। जिनसे बेइंतहा प्यार करता था, ऐसा क्या हुआ कि उनकी गला घोंट कर हत्या कर दी। पत्नी-पत्नी के बीच अनबन तो होती रहती है, लेकिन ये मनमुटाव पूरे परिवार को खत्म कर देगा, यह किसी ने नहीं सोचा। एक तरफ उनके साथ काम करने वाले स्टाफ सदस्य कहते हैं कि मियां बीवी के बीच अनबन होती रहती थी। दूसरी तरफ मृतका के भाई ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले ही उनके यहां से खुशी-खुशी लौटे थे। ऐसे में अचानक से अनिल ने पत्नी और बच्चे की हत्या और खुदकुशी का बड़ा कदम किसलिए उठाया, यह मिस्ट्री न तो घरवालों को समझ में आ रही और न ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सकी। अनिल के पास से पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस स्टाफ सदस्यों और आस पड़ोस में रहने वाले लोगों से जानकारी हासिल कर रही है और घरेलू झगड़े, अवैध संबंध समेत तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
बॉक्स
आठ साल पहले लव मैरिज की थी
अंबाला के हल्दरी गांव निवासी अनिल कुमार ने एक अस्पताल के डायलिसिस विभाग में नौकरी की तो यहां काम करने वाली स्टाफ नर्स आशा रानी के साथ उसकी मुलाकात हुई। कुछ समय दोस्ती के बाद उन्होंने शादी कर ली। आठ साल पहले लव मैरिज कर नए जीवन की शुरुआत की थी। इनकी एक छह साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा भी है। बेटी अपनी दादी के पास गांव में रहती है। अनिल और आशा अपने डेढ़ साल के बेटे के सार्थक के साथ गोविन्दपुरी में अस्पताल की तरफ से मिले क्वार्टर में रहते थे।
बॉक्स
फेसबुक पर पत्नी के साथ फोटो की डीपी
वह अपनी पत्नी और बच्चों से बेहद प्यार करता था। बेशक उनके बीच कोई मनमुटाव हो, लेकिन उसने अपनी फेसबुक आईडी पर पत्नी के साथ की फोटो प्रोफाइल पिक्चर के रूप में लगा रखी थी। इस फोटो में दोनों गंभीर है और इस फोटो को पिछले साल दो सितंबर को अपडेट किया था। इसके बाद से कोई अन्य फोटो अपडेट नहीं किया गया। उनकी फ्रेंडलिस्ट में भी 187 फ्रेंड ही शामिल हैं।
बच्चे के साथ खेलती थी अन्य स्टाफ नर्स
इस दोहरे हत्याकांड का तब पता चला जब अस्पताल में काम करने वाली दूसरी नर्स कुसुम अपनी शिफ्ट से वापिस लौटी। वह डेढ़ साल के बच्चे के साथ खेलती थी और बच्चा भी उसके आने का इंतजार करता था। मंगलवार को जब बच्चा नहीं आया तो उसने आशा के डेढ़ साल के बेटे को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर आशा को आवाज लगाई। तब भी कमरे से कोई नहीं आया। तब जाकर कुसुम ने अंदर देखा तो उसके होश उड़ गए। सार्थक ओर आशा के शव देख वो कमरे से बाहर आई और उसने इसकी सूचना पुलिस और अस्पताल प्रशासन को दी।
बॉक्स
जांच के दौरान पता चला अनिल ने सुसाइड किया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो अनिल लापता था। सभी ने सोचा कि दोनों का मर्डर कर अनिल फरार हो गया। इसी दौरान जीआरपी अंबाला से एक अस्पताल में कॉल आया कि अनिल नाम के स्टाफ सदस्य ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली है। उसका शव अंबाला के केसरी स्टेशन के पास से मिला था। पास ही उसकी बाइक भी पड़ी मिली है। जिससे पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि रात को पत्नी और बेटे की हत्या के बाद वह अलसुबह बाइक से केसरी स्टेशन पहुंचा और सुबह किसी ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया।
बॉक्स
स्टाफ सदस्यों में शोक
इस दोहरे हत्याकांड पर अस्पताल के डॉ. रिपुदमन ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि ये बहुत गलत हुआ है। पहले कभी उनके सामने इनके विवाद की कोई बात सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि दोनों काफी मेहनती थे और लंबे समय से उनके यहां काम कर रहे थे। अस्पताल के पास ही स्थित स्टाफ क्वार्टर में रहते थे। यहां सात अन्य स्टाफ फैमिली भी रहती हैं। जिसे भी इस घटना के बारे में पता चला, वही सन्न रह गया। खासकर साथ काम करने वालों को यकीन नहीं हो रहा कि हंसता खेलता परिवार अब उनके बीच नहीं है। वहीं अनिल और आशा के साथ काम करने वाले स्टाफ सदस्यों ने बताया कि वे हमेशा अपने काम में लगे रहते थे और किसी से ज्यादा मेलजोल भी नहीं था। स्टाफ सदस्यों के अलावा कोई और भी उनसे मिलने-जुलने नहीं आता था।
वर्जन
-मामले की हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह साफ हो चुका है कि अनिल ने पहले अपनी पत्नी आशा और बेटे सार्थक की हत्या की और फिर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चल सकेगा कि यह वारदात को किस वक्त अंजाम दिया गया।- रत्नलाल, एसएचओ, सिटी यमुनानगर थाना
फोटो नंबर 2, 3, 6, 7, 15, 16, 17, 18