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ड्राइवर-कंडक्टरों की ड्यूटी के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार, मोबाइल पर एसएमएस आने के बाद लगेगी हेड क्वार्टर से ड्यूटी
ड्यूटी के 48 घंटे होते ही कर्मचारी को सॉफ्टेवयर बताएगा रेस्ट करो
कर्मियों के मोबाइल नंबर को किया जा रजिस्टर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टरों की ड्यूटी के समय फरलो व लापरवाही नहीं चलेगी। हेड क्वार्टर ने अब ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है कब ड्यूटी की और कब अवकाश लिया। इसकी पूरी डिटेल सीधा हेडक्वार्टर के पास होगी। वहीं सॉफ्टवेयर यह भी बताएगा कर्मी को ड्यूटी के 48 घंटे होते ही रेस्ट कब करना होगा। यह पूरी जानकारी ड्राइवर-कंडक्टरों को उसके मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस द्वारा मिला करेगी। फिलहाल हेड क्वार्टर ने यह सॉफ्टेवयर भिवानी में शुरू किया है। एक मार्च तक यह सॉफ्टवेयर राज्य के 24 डिपो और 13 बस डिपो में शुरू हो जाएगा।
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कर्मियों के मोबाइल नंबरों को किया जा रहा ऑनलाइन
डिपो में कुल 260 ड्राइवर और 245 कंडक्टर हैं। जिनमें से अकसर 146-146 कर्मी ऑनरूट रहते हैं। जिनका अब विभाग सॉफ्टवेयर के लिए मोबाइल नंबरों को ऑनलाइन कर रहा है। केवल 20 फीसदी कर्मी रह गए। नंबर रजिस्ट्रेशन होने के बाद ड्यूटी के लिए नंबर पर ही एसएमएस आएगा। उसके बाद ही कर्मी ड्यूटी शुरू करेगा। यही नहीं हेड क्वार्टर से ड्यूटी लगने के बाद जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं जाएगा, उसकी सैलरी भी काटी जाएगी।
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ड्यूटी सेक्शन में भी ड्यूटी नहीं हो पाएगी एडजेस्ट
यह ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया गया है। जोकि सीधा हेडक्वार्टर से होगा। यदि कोई कर्मी स्थानीय ड्यूटी सेक्शन में ड्यूटी लगाने या बदलने की कोशिश करेगा तो एडजेस्ट नहीं हो पाएगी। क्योंकि सॉफ्टवेयर उसे एक्सेप्ट नहीं करेगा। ऐसे मे कर्मी को जिस रूट के लिए ड्यूटी लगी उसी पर जाना होगा। यही नहीं इस सॉफ्टवेयर से ड्राइवर व कंडक्टर का नंबर डालने पर ही पता चल जाएगा कि कर्मी ने कितने कवर कर लिया है और इसकी रोटेशन रेस्ट ड्यू भी है या नहीं। क्योंकि अकसर कर्मी हाजिरी लगाने के बाद इधर-उधर बैठकर समय बीता लेते हैं। ऐसे में अब उनकी फरलो पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
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भिवानी से की गई शुरूआत
फिलहाल हेडक्वार्टर ने यह सॉफ्टवेयर भिवानी डिपो से शुरू की गई है। और एक मार्च तक पूरे राज्य के डिपुओं में शुरू कर दी जाएगी। राज्यभर में रोडवेज के 24 डिपो और 13 सब डिपुओं के कर्मचारियों का डाटा व नंबर ऑनलाइन किया जा रहा है। करीब फीसदी ही ऑनलाइन का कार्य बचा है 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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फिर दूसरे कर्मचारियों के लिए तैयार होगा नया सॉफ्टवेयर
बता दें कि फिलहाल हेड क्वार्टर ने ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है। कामयाब होने के बाद दूसरे क्लर्क, अकाउंट्स, वर्कशॉप, कंप्यूटर आदि शाखाओं के कर्मचारियों के लिए भी नया सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा। जिसका भी लींक सीधा हेड क्वार्टर से होगा।
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ये होंगे फैक्ट्स
1. इस सॉफ्टवेयर से कर्मियों की फरलो व लापरवाही बंद हो जाएगी।
2. ड्यूटी सेक्शन से अपनी मनमर्जी से ड्यूटी बदलवाने का झंझट खत्म होगा।
3. डीआई के ऊपर से ड्यूटी का दबाव खत्म होगा।
4. ड्यूटी के बीच से नहीं लग पाएगा जंप, करने होंगे पूरे किलोमीटर।
5. ड्यूटी के लिए डिपो में पहुंचना होगा समय से।
वर्जन
नया सॉफ्टवेयर बनाया गया है जिसमें ड्राइवर-कंडक्टर की ड्यूटी हेड क्वार्टर से ही लगेगी। ड्यूटी के लिए उसके रजिस्टर्ड नंबर पर मैसेज आ जाएगा। विभाग की तरफ से कर्मियों के डाटा का ब्योरा हेडक्वार्टर को सौंप दिया गया है और एक मार्च से यह पूरे राज्य में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
-रविंद्र पाठक, जीएम
फोटो नंबर 02