सड़कों पर अतिक्रमण: निगम को कार्रवाई के लिए आदेश का इंतजार, आमजन परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर की शायद ही कोई सड़क होगी जो अतिक्रमण की चपेट में आने से अछूती होगी। शहर की सड़कों पर जहां कहीं भी नजर डालें अतिक्रमण ही अतिक्रमण है। अतिक्रमण से परेशान जनता ने भी ढेरों शिकायतें नगर निगम को दी है, लेकिन कर्मचारी भी बेबस हैं। क्योंकि उन्हें उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार है। इसी लापरवाही का अब दुकानदार फायदा उठा रहे हैं। सड़कें इतनी संकरी हो चुकी कि लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में आएं दिन अब हादसे भी होने लगे हैं।
अतिक्रमण के चलते फिर लगा सड़कों पर जाम
सड़कों पर अतिक्रमण होने से शहर की लगभग सभी सड़कें जाम की चपेट में है। सड़कों पर कई जगह पर तो इतना अतिक्रमण है कि लोगों को चलने के लिए जगह नहीं है। दुकानदार अपनी दुकानों के आगे करीब पांच से सात फीट तक अतिक्रमण किए हुए है। वहीं, खरीदारी करने आए लोग बड़ी-बड़ी कारों में आते हैं और सड़क पर बेहिसाब वाहन खड़े कर चले जाते हैं। इससे भी लोगों को काफी परेशानी का सामना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत रेलवे रोड पर है।
अतिक्रमण न हो, खींची गई थी पीली पट्टी
त्योहरों के दौरान नगर निगम ने सड़कों पर पीली पट्टी लगाने की प्रक्रिया को तीन दिन चलाया था। ये पट्टी रेलवे रोड, फव्वारा चौक से मॉडल टाउन क्षेत्र में लगाई गई थी। विभाग द्वारा जहां-जहां यह ये पट्टी लगाई गई, वहीं ही सबसे ज्यादा अतिक्रमण हो रहा है। इतना ही नहीं अब तो दूसरे दुकानदार भी पड़ोसी दुकानदार की देखादेखी सड़क पर अपना सामान लगाना शुरू कर दिया है।
मुनादी के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
जिस वक्त निगम की तरफ से पीली पट्टी लगाई गई थी उस दौरान विभागीय अधिकारियों ने दावा किया था कि यदि किसी दुकानदार ने निर्धारित सीमा से आगे सामान को रखा तो एक हजार रुपये का चालान किया जाएगा। इसके साथ-साथ दुकानदार का सामान भी जब्त कर लिया जाएगा। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने फिर भी इसे अनसुना करते हुए सामान को दुकानों के आगे बढ़ा दिया।
आदेश मिलते ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान छेड़ा जाएगा। जिन लोगों ने सड़कों पर सामान को रखा हुआ है, उनका चालान के साथ सामान भी जब्त होगा। एक-दो दिन में अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। -अनिल नैन, चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर, नगर निगम।