पेज तीन की लीड
पान की दुकानों पर मिल रहा नशा, प्रतिबंधित सामग्री को अलग-अलग पैकेट में बेच रहे विक्रेता
यमुनानगर। हुक्का बार पर प्रतिबंध होने के बावजूद शहर में हुक्का पीने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामान खुलेआम पान की दुकानों पर बेचा जा रहा है। जिनकी रोक के लिए तैनात जिम्मेदार अधिकारी कोई एक्शन नहीं ले रहे। जिसके चलते युवा वर्ग खासकर स्कूल-कॉलेज में जाने वाले छात्र तंबाकू और गुटखा खरीदते नजर आते हैं। इतना ही नहीं कई दुकानों पर तो धड़ल्ले से फ्लेवर तंबाकू, कांच का छोटा हुक्का और चिलम तक बिक रही हैं। रेलवे रोड, जगाधरी रोड, बाईपास और सहारनपुर रोड पर कई क्षेत्रों में इनकी बिक्री हो रही है। जहां स्लम बस्ती में रहने वालों के साथ-साथ महंगी कार में घूमने वाले युवा इन्हें खरीद रहे हैं।
बॉक्स
आसानी से उपलब्ध है ये महंगा शौक
फ्लेवर्ड तंबाकू के हर पैकेट पर चेतावनी भी लिखी होती है कि धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है। जिससे साफ है कि इनमें तंबाकू है और यह बच्चों के लिए नहीं है। खास बात ये है कि अधिकतर पैकेटों पर किसी अन्य देश में निर्मित होना भी अंकित होता है। इसके बावजूद शहर में जगह-जगह बिक रहे हैं।
बॉक्स
50 से 500 रुपये का रेट
हुक्के के विभिन्न फ्लेवर 50 से 500 रुपये में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक दुकान पर हुक्का व फ्लेवर के पैकेट की कीमत पूछी तो बताया गया कि वैरायटी के हिसाब से रेट है। एक छोटा पैकेट कम से कम 50 रुपये का है। कुछ खास फ्लेवर में लेमन, सेलमॉन, ब्लू बेली, ग्रीन मिंट, पाइन एप्पल, लेमन मिंट, पीच, चॉकलेट, रोज, सिगार, समारोफ, कच्ची कली, एनर्जी शीशा, पान रस, पान मसाला, पान रसना, मैंगो, निवार्णा, परपल सीसा, कोला, ऑरेंज, बून, ऑफ्टर-8, मैंगो एप्पल के नाम शामिल हैं।
वर्जन
अवैध रूप से नशा बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए थाना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। नशा हर तरह से नुकसान दायक है। जहां भी नशे का ऐसा कारोबार हो रहा हो, लोग पुलिस को बताएं, कार्रवाई की जाएगी।-कुलदीप सिंह यादव, एसपी
-शहर में प्रतिबंधित नशे की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। पान की दुकानों को भी चैक करवाया जाएगा। अगर कहीं कोई आपत्तिजनक सामान मिलता है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।-कुलदीप सिंह, सीएमओ
फोटो नंबर 01
इन्सर्ट
इधर, बच्चों को मादक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी
यमुनानगर
कैंप स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मादक पदार्थों की रोकथाम और इनके दुष्परिणामों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एससीईआरटी गुरुग्राम, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय व तेजली डाइट के सयुंक्त तत्वाधान द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में बच्चों को सभी तरह के नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। मास्टर ट्रेनर्स ने स्कूल की कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से नशे के प्रकार, लक्षण, भ्रांतियां, दुष्परिणाम (शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, नैतिक), कानूनी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। छात्रों में मादक पदार्थों से पड़ने वाले दुष्परिणामों के प्रभाव को कौशल विकसित कर निपटने का तरीका भी बताया। बताया गया कि तीव्र इच्छाशक्ति ही इस बुराई से निपटने का सबसे बड़ा हथियार है। विद्यार्थियों ने प्रण लिया कि वे नशे की लत को नही अपनाएंगे और न ही समाज में इस बुराई को पनपने देंगें।
इस मौके पर प्रधानाचार्य परमजीत गर्ग, डाइट तेजली के प्राचार्य सुरेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर सुरेन्द्र अरोड़ा, तेजपाल वालिया, अमरजीत सिंह, प्रवक्ता अरुण कुमार कैहरबा, सुखजीत सिंह, दर्शन लाल बवेजा, सेवा सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो नंबर 06