अब शहरवासियों को कचरा डालने के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार
कूड़ा डालने के लिए स्वच्छता एप के जरिए कचरा उठाने वाली गाड़ी की लोकेशन कर सकेंगे ट्रेस
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहरवासियों को अब घर का कूड़ा कचरा फेंकने के लिए नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कचरा उठाने वाली गाड़ी शहर में किस जगह पर है या आपके क्षेत्र में किस वक्त वो गाड़ी आएगी। इसकी जानकारी अब शहरवासियों को मोबाइल पर ही मिलेगी। इसके लिए शहरवासियों को अपने मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड करना होगा और कचरा गाड़ी को ट्रेस करना होगा। जिसके बाद गाड़ी के आने का अलर्ट मोबाइल पर ही मिल जाएगा। दरअसल स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के लिए लॉन्च हुए स्वच्छता एप में वाहन ट्रैक करने की सुविधा जोड़ी गई है। इसके लिए नगर निगम की तरफ से सभी 60 कचरा वाहनों में ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम यानि जीपीएस डिवाइवस लगवाई गई है ताकि पब्लिक के साथ-साथ निगम अधिकारी भी वाहन की मॉनिटरिंग कर सकें। इतना ही नहीं इस एप पर शहरवासी अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। लोकेशन जानने को निगम की वेबसाइट पर एक लिंक दिया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इस रूम से निगम अधिकारी कार्यालय में बैठे-बैठे ही इसकी मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इस सिस्टम से कौन सा वाहन किस समय पर किस जगह से कचरे उठान के लिए निकला है। इसका ब्यौरा मिल सकेगा। वाहनों में जीपीएस लगे होने के कारण पल पल की निगरानी होगी।
चालक नहीं कर पाएंगे मनमानी
जीपीएस डिवाइस लगाए जाने के बाद कचरा गाड़ी चालक अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। पल-पल की मॉनिटरिंग और रूट की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचती रहेगी। जीपीएस से रूट मैप की तरह जानकारी मिलेगी कि कचरा वाहन किन-किन गलियों में किस वक्त पर गया। साथ ही इससे डीजल की भी जानकारी मिलती रहेगी कि किस वाहन ने कितना डीजल खर्च किया है। क्योंकि इसके तहत प्रत्येक किमी की रनिंग जानकारी मिल जाएगी। अभी शिकायतें आती हैं कि निगमकर्मी एक जगह से कचरा उठाकर पास में ही कहीं डाल देते हैं। वहीं निगम के वाहनों का उपयोग अधिकारी या कर्मचारी निजी काम के लिए नहीं कर सकेंगे।
स्वच्छता एप में कचरा गाड़ी की जानकारी के लिए जीपीएस सेंटर बनाया जा रहा है। इससे यह पता लग सकेगा कि कचरा गाड़ी कहां तक आई है। इससे शहरवासियों को काफी फायदा होगा, साथ ही हमें भी कचरा वाहन की मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। सभी वाहनों का रूट तय करने का काम शुरू कर दिया गया है। -अनिल नैन, चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम