नए साल की शुरूआत में स्वाइन फ्लू से जिले में पहली मौत
- स्वाइन फ्लू से जगाधरी के एक व्यक्ति की पंचकूला के निजी अस्पताल में मौत
- पुष्टि होने के बाद विभाग ने परिवार के सदस्यों की भी डोज की शुरू
- जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू के तीन मरीज कंफर्म, छह-सात संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
नए वर्ष की शुरूआत में ही स्वाइन फ्लू ने जिले में खतरे की घंटी बजा दी है। बुधवार रात जगाधरी के बर्तन बाजार निवासी एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से जिले में पहली मौत हो गई। व्यक्ति का उपचार सप्ताहभर से पंचकूला के मैक्स अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल से स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिवार के सदस्यों को बी कैटेगरी में रखकर इलाज शुरू कर दिया था। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू के तीन कंफर्म मरीज है, जबकि आधा दर्जन के करीब संदिग्ध मरीज है। वर्ष 2017 में जिले में नौ केस मिले थे।
दिसंबर के अंतिम दिनों लगातार पारा गिर रहा है और ठंड अपना प्रकोप दिखा रही है। वहीं ठंड बढ़ने के कारण स्वाइन फ्लू भी बढ़ रहा है। जिस के चलते प्रदेश में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू से मौत हिसार में हुई है। लेकिन इसके बावजूद जिले का स्वास्थ्य विभाग इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा। इसी के चलते जगाधरी निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। छह-सात दिन से व्यक्ति का उपचार पंचकूला के निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार रात को व्यक्ति ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक की रिपोर्ट में उसकी मौत स्वाइन फ्लू के कारण होनी पाई गई। गुरुवार शाम को स्वास्थ्य विभाग के पास जब स्वाइन फ्लू से व्यक्ति के मौत होने की सूचना आई तो हडकंप मच गया। विभाग ने इसकी पुष्टि के लिए अस्पताल से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट देख स्वाइन फ्लू की पुुष्टि होने के बाद विभाग ने मृतक के घर डॉक्टरों की टीम भेजी। जो परिवार के सदस्य उसके संपर्क में थे। उन्हें बी कैटेगिरी में रखकर डोज दी गई। विभाग की माने तो लगातार सात दिन तक विभाग द्वारा उन्हें डोज दी जाएगी।
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अभी तक मिल चुके है तीन कंफर्म केस :
बीते दिनों शहर के निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के दो केस मिले थे। एक केस कुछ दिन पहले ही मिला था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की दवाई आरंभ की। केस पॉजिटीव मिलने के चलते परिजनों को भी दवाई दी गई थी और पूरे तरह से निगरानी की जा रही थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को गाइड लाइन जारी कर दी गई है कि हमेशा साफ व स्वच्छ मॉस्क पहले तभी मरीजों के पास जाए और लोगों को किसी से हाथ व बाहरी खान-खाने की भी सख्त हिदायत जारी कर दी गई है।
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हवा में ट्रांसफर्र होता है स्वाइन फ्लू का वायरस :
डॉक्टरों का कहना है कि फ्लू एक संक्रामक सांस का रोग है। स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में ट्रांसफर होता है, खांसने, छींकने, थूकने से यह वायरस सेहतमंद लोगों तक पहुंच जाता है। इसके लिए लोगों को सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। अगर घर में कोई शख्स स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया तो, घर के बाकी लोगों को इससे बचने के लिए डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए और स्वाइन फ्लू के मरीज को आराम करना चाहिए।
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स्वाइन फ्लू की है तीन कैटेगरी :
चिकित्सकों के मुताबिक, स्वाइन फ्लू की तीन कैटेगरी बनाई गई है। इसमें ए, बी व सी कैटेगरी रखी गई है। ए व बी में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों को रखा जाता है। इनका तुरंत इलाज शुरू किया जाता है। जबकि सी कैटेगरी में गंभीर मरीजों को रखा जाता है। इस कैटेगरी में मरीज वेंटिलेटर पर होता है। स्वास्थ्य विभाग इन मरीजों के परिजनों को भी स्वाइन फ्लू के लिए दवाई देता है।
- स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव :
-खांसते, छींकते समय मुंह पर कपड़ा या रुमाल रखें।
-भीड़-भाड़ वाली जगह पर न जाएं।
-आंख, नाक मुंह को छूने से पहले हाथ साबुन या पानी से धोएं।
-बुखार, गला खराब, जुकाम, खांसी, वाले मरीज से कम से कम एक बाजू की दूरी रखें।
-यदि फ्लू जैसे लक्षण हों, तो ठीक होने तक घर पर ही रहे, अधिक लोगों से न मिलें।
-यदि बच्चा बीमार हैं, तो ठीक होने तक स्कूल न भेजें।
-हाथ न मिलाएं, गले न लगें।
-पूरी नींद लें, तनाव से दूर रहें, अच्छी खुराक लें व तरल पदार्थ लें।
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पिछले पांच वर्षों में मिले स्वाइन फ्लू के केस
वर्ष केस
2013- 6
2014- 1
2015- 16
2016- 5
2017- 9
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ये बरतें सावधानी
हाथ न मिलाकर नमस्ते बोलकर ही उसका हाल-चाल पूछे।
बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथ धोएं।
जब खांसी या छींक आए, तो अपने मुंह और नाक को रुमाल आदि से ढक लें, या फिर टिश्यू का इस्तेमाल करें ओर उसे तुरंत डस्टबिन में डाल दें।
दरवाजे के हैंडल आदि को नियमित साफ रखें।
सुनिश्चित करें कि बच्चे इस सलाह का पालन करें।
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ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
- नाक का लगातार बहना, छींक आना।
- कफ, कोल्ड और लगातार खांसी।
- मांसपेशियां में दर्द या अकड़न।
- सिर में भयानक दर्द।
- नींद न आना, ज्यादा थकान।
- दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना।
- गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना।
वर्जन
स्वाइन फ्लू से जगाधरी निवासी एक व्यक्ति की पंचकूला के निजी अस्पताल में मौत हुई है। वे डायबटीज व हाइपरटेंशन के भी मरीज थे। कई दिनों से उनका उपचार पंचकूला में ही चल रहा था। स्वाइन फ्लू से मौत होने की रिपोर्ट मिलने के बाद उनके संपर्क में रहे परिवार सदस्यों को बी कैटेगरी में रखकर उपचार दिया जा रहा है। सात दिन तक उन्हें डोज दी जाएगी।
-डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ, यमुनानगर
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