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जमीन गई यमुना में, अधिकारी बोले-खेत दिखाओ तभी करेंगे गिरदावरी, हमें क्या पता जीरी लगाई थी या गन्ना

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जमीन गई यमुना में, अधिकारी बोले-खेत दिखाओ तभी करेंगे गिरदावरी, हमें क्या पता जीरी लगाई थी या गन्ना
-किसानों ने कहा-जमीन ही चली गई तो खराब फसल कहां से दिखाएं, जमीन के कागज देख लो
-परेशान किसानों ने जताया विरोध, बोले-अधिकारियों ने बना दिया मजाक
-दो सौ से ज्यादा किसान मुश्किल में, लघु सचिवालय के बाहर देंगे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
गुमथला क्षेत्र की दो सौ से ज्यादा एकड़ भूमि यमुना में समा गई है। मुआवजे के लिए किसानों ने गुहार लगाई तो अधिकारियों ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी। खराब हुई फसल की गिरदावरी करने पहुंचे अधिकारियों ने किसानों से कहा कि जब जमीन ही नहीं है तो गिरदावरी कैसे करें। ये कैसे पता चलेगा कि यहां गन्ना लगाया था या जीरी। अधिकारियों का जवाब सुनकर किसान भड़क गए और नारेबाजी कर अपना रोष जताया। किसानों ने कहा कि दो महीने पहले यहां फसल लहरा रही थी, अब पानी ही पानी नजर आता है। प्रशासनिक अधिकारी गिरदावरी के नाम पर किसानों के साथ मजाक कर रहे हैं। किसानों ने अब डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लयिा है।
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50 से ज्यादा किसान प्रभावित
मॉडल टाउन, गुमथला राव, चौगावां, कंड्रोली, संधाला, संधाली आदि गांवों के 50 से ज्यादा किसानों की 200 एकड़ जमीन यमुना में समा गई है। इस जमीन पर धान, गन्ना, मक्की व पोपुलर की फसल खड़ी थी जोकि अब नहीं रही। फसल खराब होने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
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कागजों में किसानों की जमीन
किसान राम कुमार, रमेश चंद, सर्वजीत सिंह व शेर सिंह का कहना है कि अधिकारी गिरदावरी के नाम पर उन्हें खराब हुई फसल दिखाने को कह रहे हैं, लेकिन फसल कहां से दिखाए जमीन तो यमुना में समा चुकी है। हमारे पास केवल जमीन के कागज बचे हैं। लेकिन अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं, ऐसे में हम कहां जाएं।
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नारेबाजी कर रोष जताया
अधिकारियों के सीधे सपाट जवाब सुनकर किसानों का गुस्सा भड़क गया। यमुना किनारे किसानों ने नारेबाजी शुरू की तो अधिकारी वहां से खिसक लिए। किसानों का कहना है कि इस बार छह लाख क्यूसेक पानी आया, जिसकी वजह से तटबंध भी बह गए। पानी ने काफी अंदर तक भूमि का कटाव किया और फसलें तबाह हो गई।
कोट्स
एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि प्रशासन को देखकर नहीं लगता वह किसानों का साथ देगा। ऐसे में खुद ही लंबा संघर्ष करना होगा। गिरदावरी के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। किसान कहां से फसल दिखाए, उसकी तो पहले ही सारी फसल यमुना के पानी में बह चुकी है। ऐसे में किसान के पास केवल दिखाने के लिए कागज ही हैं।
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वर्जन मामला मेरे संज्ञान में है और किसानों की फसल की गिरदावरी होगी। उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। किसानों का जो हक उन्हें दिलवाया जाएगा। पटवारी वहां जाकर गिरदावरी करेंगे।
-पूजा भारती, एसडीएम, रादौर।
फोटो-25,26
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