हड़ताल को लेकर रोडवेजकर्मियों ने की गेट मीटिंग, आधी रात से हड़ताल शुरू, एक यूनियन ने किया किनारा
-165 बसों का रहेगा चक्का जाम, खुद ही करना होगा इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। प्रदेेश सरकार द्वारा निजी 720 बसों को किमी स्कीम के तहत ठेके पर लेने के विरोध में रोडवेज की तालमेल कमेटी एकजुट हो गई। जिसके चलते यूनियन ने 16 व 17 अक्तूबर दो दिन चक्का जाम करने का फैसला लिया है। लेकिन एक यूनियन ने तालमेल कमेटी का साथ देने की बजाय किनारा कर लिया। किनारा करने वाली यूनियन रोडवेज अधिकारियों के साथ मिलकर बसों को चलाने की फिराक में रहेगी। जबकि तालमेल कमेटी सदस्य व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरि नारायण शर्मा रोडवेज की सातों यूनियन हड़ताल में समर्थन देने की पुष्टि कर रहे हैं। उधर, सोमवार केे यमुनानगर रोडवेज वर्कशॉप में तालमेल कमेटी सदस्यों की गेट मीटिंग हुई। जिसमें सभी कर्मचारियों ने भाग लिया।
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इसलिए लिया गया हड़ताल का फैसला
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार निजी 720 बसों को किमी स्कीम के तहत हॉयर करने का मन बना चुकी है। जबकि रोडवेज की तालमेल कमेटी इसका कड़ा विरोध कर रही है। कमेटी सदस्यों की इस संबंध में परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री से बातचीत कर चुकी है, इसपर सरकार ने साफतौर पर कहा कि वह यूनियन की सभी मांगें मानती है किमी स्कीम के तहत हॉयर होने वाली मांग को नहीं मानेगी। जिसके बाद कमेटी नेताओं ने 16 व 17 अक्तूबर दो दिन बसों का चक्का जाम करने का फैसला लिया।
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आज नहीं चलेगी 165 बसें, कर लें अपना इंतजाम
बता दें तालमेल कमेटी के आह्वान पर दो दिन का रोडवेज का चक्का जाम करने का फैसला लिया गया है। इस दौरान बिल्कुल भी बसें नहीं चलेगी। ऐसे में यात्रियों को खुद अपना इंतजाम करना होगा। बसें न चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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प्र्राइवेट क्यों, रोडवेज बसों की बढ़ाओ संख्या
तालमेल कमेटी सदस्य व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि प्राइवेट क्यों बल्कि रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाए सरकार। प्रतिदिन रोडवेज बसों की संख्या कम हो रही है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश में मौजूदा समय में 14 हजार बसों की जरूरत है। लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं। सरकार केवल रोडवेज का निजीकरण करने पर तुली है जोकि हम होने नहीं देंगे।
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रोडवेज यूनियन ने दो दिन की हड़ताल करने का फैसला किया है। लेकिन हम बसों को चलाने की पूरी कोशिश करेंगे ताकि यात्रियों को दिक्कत न आए। इसके अलावा हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट भी बनाई जाएगी, जिसे सरकार व उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
-रविंद्र पाठक, जीएम, यमुनानगर।
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