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भाकियू ने एसबीआई के बाहर दिया धरना देकर की नारेबाजी, बोले-पैसे लेकर ही उठेंगे

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भाकियू ने एसबीआई के बाहर दिया धरना देकर की नारेबाजी, बोले-पैसे लेकर ही उठेंगे
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यमुनानगर। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने जगाधरी वर्कशॉप स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक के बाहर धरना दिया और बैंक मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी की। यहां किसान इस बात को लेकर अड़ गए कि वह बैंक से दो लाख रुपये लेकर ही उठेंगे। उधर मामला बिगड़ता देख बैंक ने भारी पुलिस बल बुला लिया। पुलिस के समझाने के बाद भी किसान धरने से नहीं उठे। दरअसल, किसानों का कहना था कि बैंक ने पैसे दोगुना करने के नाम पर ससौली गांव निवासी परमजीत सिंह से दो लाख रुपये हड़प लिए और अब बैंक पैसे वापिस करने से मना कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना व प्रदेश संगठन सचिव हरपाल ने बताया कि परमजीत सिंह के पिता रेलवे से रिटायर हुए थे। कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। जब वह बैंक आए तो उस समय बैंक मैनेजर शंकर थे। उनके साथ सुचेतना नाम की एक महिला और भी थी। उन्होंने उन्हें एक स्कीम में पैसा जमा करवाने को कहा। उनके मना करने पर भी बैंक वालों ने बार-बार उन्हें फोर्स किया। उन्हें यह लालच भी दिया गया कि पैसा पांच वर्ष में दोगुना हो जाएगा। वह बातों में आ गए और दिसंबर 2017 में दो लाख रुपए जमा करवा दिए। अब एक माह पहले उन्हें बैंक से फोन आया कि वह इस स्कीम की अगली किश्त दो लाख और बैंक में जमा करवाएं। वह हैरान हो गए कि अब दो लाख रुपए और किस बात के जमा करवाने हैं। परमजीत सिंह का कहना है कि वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं और इसके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। अब बैंक वाले कह रहे हैं कि उन्हें पांच वर्ष तक दो दो लाख रुपए जमा करवाने हैं और उन्हें दस वर्ष के बांड पॉलिसी पूरी होने के बाद दीए जाएंगे। उधर, मौजूदा बैंक मैनेजर अवंत मल्होत्रा ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंचकूला रीजनल बैंक मैनेजर बाहर गए हुए हैं। दो दिन बाद वह आएंगे। उनके आने के बाद किसानों की बातचीत करवाई जाएगी। जिसके बाद किसानों धरना समाप्त किया।
फोटो-31 व 32
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