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पश्चिमी यमुनाहर में क्षमता से अधिक पानी छोडे जाने पर ग्रामीणों ने नहरी विभाग के विरूद्ध की नारेबाजी

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पश्चिमी यमुनाहर में क्षमता से अधिक पानी छोडे़ जाने पर ग्रामीणों ने नहरी विभाग के विरुद्ध की नारेबाजी
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-गांव सांगीपुर के पास से क्षतिग्रस्त हुई पश्चिमी यमुना नहर की पटरी की मरम्मत का कार्य प्रगति पर
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। गांव सांगीपुर के पास से क्षतिग्रस्त हुई पश्चिमी यमुना नहर की पटरी की मरम्मत का कार्य लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। नहरी विभाग की ओर से खस्ता हाल पटरी की मरम्मत करने के लिए 50 से अधिक मजदूर लगाए गए है। दिन भर मजदूरों ने मिट्टी के कट्टे लगाकर पश्चिमी यमुनानहर की क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत करने का कार्य किया। उधर गांव धौलरा के लोगों ने नहरी विभाग द्वारा पश्चिमी यमुनानहर में क्षमता से अधिक पानी छोडे़ जाने पर नहरी विभाग के विरुद्ध नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने किसान नेता दलबीर सिंह दल्ली के नेतृत्व में रोष प्रकट करते हुए सरकार से पश्चिमी यमुना नहर की पटरी को पक्का करने व क्षमता से कम पानी नहर में छोडे़ जाने की मांग की। गांव धौलरा निवासी दलबीर सिंह दल्ली, अश्वनी शर्मा, संदीप कश्यप, कमल ढिल्लों, अशोक घेसुपर, ईश्वर कयश्प, सन्नी मंढान, अमित सैनी ने बताया कि पश्चिमी यमुनानहर में कुछ दिनों से नहरी विभाग ने क्षमता से अधिक पानी नहर में छोड़कर खस्ता हाल पटरी को तोड़ने का काम किया है। अधिक पानी के कारण पश्चिमी यमुनानहर दो दिन पहले शेखपुरा के पास से टूट गई थी। इस कारण सैकड़ों एकड़ फसल नहर के पानी से तबाह हुई हैै और काफी भूमि पर नहर का रेत कई कई फुट जमा हो गया है। गांव सांगीपुर, धौलरा, घेसपुर, रादौर के पास से भी पटरी टूट सकती है। कई जगह से पटरी बेहद खस्ता हालत में है। ग्रामीणों ने बताया कि पश्चिमी यमुना नहर में उनके गांवों के पास भारी मात्रा में अवैध खनन हुआ है। इस कारण नहर की पटरी खस्ता हालत में पहुंच गई है।
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अवैध खनन माफिया ने नहर की पटरी के साथ खुदाई करके पटरी को खस्ता हालत में पहुंचा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहरी विभाग की ओर से खस्ता हालत पटरी की मरम्मत मिट्टी के कट्टों से की जा रही है। इससे खस्ता हालत पटरी को मजबूती प्रदान नहीं की जा सकती। नहरी विभाग पूरी नहर की पटरी को पक्का करें। अन्यथा अधिक पानी छोडे़ जाने पर फिर से पश्चिमी यमुना नहर की पटरी आसपास के गांव में टूट सकती है। इससे भारी नुकसान होगा। उधर नहरी विभाग के जेई गुरजीत सिंह ने बताया कि खस्ता हाल पटरी पर मिट्टी के कट्टे लगा दिए गए है। विभाग के कर्मचारी रात दिन नहर की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। नहर का पानी दिल्ली व झज्जर में सप्लाई हो रहा है। नहर के बंद होने से पानी की सप्लाई रुक गई है। नहर की मरम्मत जल्द से जल्द कर एक, दो दिन में पानी छोड़ दिया जाएगा। नहर में क्षमता के अनुसार 12 हजार क्यूसिक पानी ही छोड़ा जा रहा है।
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