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बारिश थमने के बाद की जिंदगी, बढ़ गई लोगों की मुश्किलें

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ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बाद भी नहीं उतरा पानी
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- रोड छप्पर में नेशनल हाइवे ने रोका पानी की निकासी का रास्ता
- पांच सौ एकड़ में फसल बर्बाद होने के कगार पर
- ग्रामीण क्षेत्र में बीमारियां फैलने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बारिश थमने के बाद भी जिला के प्रभावित गांवों की जिंदगी सुधरी नहीं। बल्कि इस बारिश ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया। हालांकि बारिश थमे 24 घंटे से ज्यादा बीत गए, मगर ग्रामीण क्षेत्रों से पानी अभी तक उतरा नहीं था। बारिश से हुए नुकसान से गुस्साए लोग प्रशासन को कोस रहे हैं। सबसे ज्यादा हालात कस्बा छछरौली के हैं, यहां सोम व पथराला नदी की कच्ची पटरी टूटने से 500 एकड़ में फैली फसल बर्बाद होने के कगार पर है। उधर रोड छप्पर, भूतमाजरा, मंडेबर, हरगड़ व दूधला गांव की फसलों में भरे पानी का रास्ता गुजर रहे न्यू बाईपास ने रास्ता रोक दिया। जिससे पानी की निकासी बंद हो गई, जिसके चलते फसलें पूरी तरह से बारिश के पानी में डूबी पड़ी हैं। अगर पानी की निकासी या दोबारा से बारिश हुई तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो सकती है।
दोनों नदियां मिलकर मचाती है तबाही
छछरौली : बता दें कि छछरौली कस्बा से सोम व पथराला नदी दोनों गुजर रही हैं और दोनों नदियों में केवल दो से ढाई किलोमीटर का फासला है। लेकिन मानसून सीजन में दोनों नदियां आपस मिलकर आसपास के गांवों में तबाही मचाती है। जिससे फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं। वहीं क्षेत्र मिर्जापुर से डारपुर जाने वाली सड़क पर हड़ौली गांव के पास तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ के पानी की वजह से खिजराबाद-बिलासपुर जाने वाली सड़क पर हाफिजी गांव के पास पानी के कटाव की वजह से सड़क खराब हो गई है। इसी तरह खानूवाला, हडौली तिहानो, सलेमपुर, खानपुर व शाहपुर आदि गांवों में सोम नदी का पानी हर साल तबाही मचाता है। जिसका कारण सोम नदी की कच्ची पटरी का टूटना है। जिसके चलते हर साल बाढ़ के पानी से गांव दौलतुपर, टिब्बी, टिब्बी अराईयां, बक्करवाला, हाफिजपुर, हाफजी, कोटडा कान सिंह, दादुपुर जाटान, दादूपुर सैनी, खानूवाला, लोप्पो, लेदी, तुगलपुर, लेदा, तिहानो, सलेमपुर, खानपुर, हडौली, बरौली, माजरा, डमौली, रायपुर, तारूवाला, उर्जनी, दसौरा, दसौरी व याकूबपुर आदि गांवों की हर साल धान व गन्ने की पांच सौ एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है।
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यमुना का जलस्तर पहले घटा, फिर बढ़ा
खिजराबाद : यमुना नदी में पानी का बहाव तेज होने से लाक्कड़ के पास एक ट्रैक्टर ट्राली पानी में फंस गई जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया। उधर पहाड़ी और कैचमेंट एरिया में बरसात होने से हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है। सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 30370 क्यूसेक दर्ज किया गया और शाम तीन बजे यमुना का जलस्तर घटकर 27068 क्यूसेक रह गया था जोकि शाम पांच बजे तक जलस्तर बढ़कर 35614 क्यूसेक पर पहुंच गया था। उधर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी मेंबर व पूर्व चेयरमैन जिला परिषद श्याम सुंदर बत्रा ने बाढ़ प्रभावित गांव पंजेटों, मांडखेड़ी, मीरपुर, सलेमपुर बांगर, भेड़थल, तारणवाला, चाऊवाला, रामखेड़ी का दौरा किया।
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लोगों ने विधायक के आगे रोया दुखड़ा, बोले मुआवजा दिलाओ
बिलासपुुर : विधायक बलवंत सिंह ने उपमंडल अधिकारियों के साथ छोटा बस स्टेंड पर बाढ़ के पानी से हुए नुकसान व पानी निकासी को लेकर किए जाने वाले कार्यों का जायजा लिया। छोटा बस स्टेंड के अनिल करियाना स्टोर ने कहा कि उसे 55 लाख रुपये का नुकसान, दिनेश ने 5 लाख, नरेश, गोपाल, कपिल, सीताराम व अन्य दुकानदारों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ितों ने विधायक से कहा कि उन्हें सरकार से मुआवजा दिलाया जाए। बता दें कि गांव धर्मकोट में तीन दर्जन से अधिक घरों में बरसात का पानी घुस जाने से ग्रामीणों को घर में रखा सामान खराब हो गया। गांव के सुरेश कुमार, बीटू, राजेश, राम सिंह, जीता, सुरजीत सिंह, राम कुमार, रोशन, धर्मवीर, सोनू, सुशील कुमार, मांगा राम, हुकम सिंह, पाली, दर्शन, जसवंत, भूपेंद्र, रवि, गुरदेव सिंह, सुरजीत सिंह, राजू सहित दर्जनों घरों में बारिश का पानी आने से घरेलू सामान खराब हो गया। इसी तरह गांव मलिकपुर बांगर में आरती देवी का कच्चा मकान बारिश में गिर गया। जिससे सारा सामान खराब हो गया। गांव सरपंच राजकुमार राणा ने बताया कि सोम नदी में अधिक पानी आने से उनके गांव की धान व गन्ने की सैकड़ों एकड़ जमीन में खड़ी फसल पर बारिश के पानी के साथ बहकर आई रेत चढ़ जाने से खराब हो गई।
फोटो-16, 18, 22, 23, 24 व 28
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