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बचाव के तमाम दावे फेल, पहली ही बारिश में बाढ़ के हालात, शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी

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बचाव के तमाम दावे फेल, पहली ही बारिश में बाढ़ के हालात, शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी
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बारिश से जिला मुख्यालय से टूटा 35 गांव का संपर्क, बने बाढ़ से हालात
- सड़कें व कॉलोनियां पानी-पानी, घरों में कैद हुए लोग
-जगाधरी में सबसे ज्यादा 205 एमएम, छछरौली व बिलासपुर में हुई 190 एमएम बारिश
-बारिश के कारण नगर निगम के दावे हुए धराशाही
- स्लम कॉलोनियों से लेकर पॉश इलाकों में भरा पानी
-सड़कों व रास्तों पर पानी खड़ा होने से 35 गांवों का सम्पर्क टूटा। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मानसून की पहली बारिश से जिला मुख्यालय से 35 गांवों का संपर्क टूट गया। यह हालात जिले में सुबह तीन बजे से हो रही बारिश से बने हैं। जगह-जगह जलभराव होने के बाद लोग घरों में कैद हो गए। स्लम कॉलोनियों से लेकर पॉश इलाके, गांवों से लेकर हाइवे, नदी-नालों से लेकर खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। सबसे खराब हालत बिलासपुर के हैं। यहां मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया है। यही हालात छछरौली ब्लॉक का है। यहां भी आधा दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
शहरी क्षेत्र में पांच घंटे बाद तक पानी नहीं उतर पाया। जिसके चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए। यहां तक शहर के बीच से गुजर रहे एनएच-73 पर भी पानी भर गया, जिसके चलते वाहनों के बीच पानी भर गया। ऐसे में लोगों ने बीच पानी के उतर कर धक्के लगाकर वाहनों को बाहर निकाला।
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उधर मौसम विभाग के अनुसार रविवार को जिला में कुल 710 एमएम बारिश हुई। जिसमें जगाधरी में सबसे ज्यादा 205 एमएम, छछरौली व बिलासपुर में हुई 190 एमएम बारिश हुई। जबकि सढ़ौरा 60 व सरस्वती नगर 50 एमएम बारिश हुई वहीं रादौर में सबसे कम 15 एमएम बारिश हुई है। वहीं एवरेज के अनुसार जिला में 110 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी भारी बारिश पड़ने के आसार बने हैं।
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नहीं सुधरी जलभराव की समस्या
सबसे बुरे हालात जगाधरी के शमशान घाट रोड मटका चौक व यमुनानगर के जब्बी वाला गुरुद्वारा व पॉश इलाके प्रोफेसर कॉलोनी में देखने को मिलें। निकासी के पर्याप्त बंदोबस्त न होने से सीवरेज ओवर फ्लो हो गए और सीवरेज का पानी लोगों के घरों में आ गया। प्रोफेसर कॉलोनी से गुजर रहे नाले का पानी घरों के भीतर आ गया। प्रोफेसर कॉलोनी से गुजरने वाले नाले के ओवर फ्लो होने की समस्या कई सालों से बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत को डाइवर्ट भी किया गया है। इसके बावजूद कॉलोनी में जलभराव की समस्या दूर नहीं हो पाई है। कॉलोनी वासी इसके लिए नाले को बनवाने वाले पब्लिक हेल्थ विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

बारिश के कारण नगर निगम के दावे फेल : बेशक नगर निगम ने 100 से अधिक सफाई कर्मी व 50 लाख खर्च कर नालों व गलियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का दावे किए हों, लेकिन रविवार की सुबह हुई बारिश ने इन दावों का धराशाही कर दिया। नतीजन ट्विन सिटी में जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा जलभराव की दिक्कत आजाद नगर, इंडस्ट्रियल एरिया, लाजपत नगर, टैगोर गार्डन, सिटी सेंटर रोड, छोटी लाइन, प्रोफेसर कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, कैंप क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियों, ससोली रोड, बुड़िया गेट, विश्वकर्मा कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, आजाद नगर, विजय नगर, टाउन हाल, रायपुर, शादीपुर व दौलतपुर सहित दर्जनों कॉलोनियों में रही। इसी तरह जगाधरी के बर्तन बाजार, पत्थरों वाला बाजार, खेड़ा बाजार, सिविल लाइन, छोटी लाइन, जड़ौदा गेट आदि स्थानों पर करीब एक से दो फुट तक बारिश पानी जमा हो गया। इससे राहगीरों व वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हुई। मॉडल टाउन के मेला सिंह चौक व छोटी लाइन सहित कई मुख्य सड़कों पर जमा बरसाती पानी के बीच जाम की स्थिति में वाहन रेंगते नजर आए। उधर, बारिश थमने के बाद लोगों के सामने दूसरी समस्या गाद की आ गई। नालियों व नालों की बदबूदार गाद के कारण लोगों का जीना दुश्वार हो गया।

बिजली के नौ खंभे और कच्चे मकान की छत गिरी : बारिश के चलते जहां यमुनानगर में प्यारा चौक के पास बिजली के नौ खंभे गिर गए, वहीं जगाधरी स्थित गोरी शंकर मंदिर के पास कच्चे मकान की छत गिर गई। हालांकि छत गिरने से कोई जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। मगर घर में पानी घुसने मकान मालिक को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन बिजली के टेढ़े खंभों से करंट लगने का डर लोगों को सता रहा है क्योंकि जिस स्थान पर बिजली के ये खंभे लगे हैं वहां मार्केट व लोगों की काफी आवाजाही है। ऐसे में जान का खतरा बना हुआ है।

बिलासपुर : वहीं बिलासपुर में लगातार पांच घंटे हुई बारिश से जलभराव हो गया। बारिश से शिव चौक, अग्रसैन चौक, मुख्य बाजार, कपाल मोचन मार्ग, छोटा बस स्टैंड, राधा स्वामी कॉलोनी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अनाज मंडी, साढौरा मार्ग सहित रोजा पीर कॉलोनी, छछरौली मोड़, राम नगर कॉलोनी, मछरौली कॉलोनी में तीन से चार फीट पानी घुस जाने से कस्बावासियों व दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सोमनदी में आए उफान ने किसानों व आस पास के क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता को बढ़ा दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से सोम नदी,पथराला, चिकन , सहित अनेक बरसाती नदियां उफान पर आ गई। जिससे सोमनदी केे समीप स्थित गांव रणजीत पुर, सुंदर पुर, बहादुर पुर, भमनौली, मुजाफ्त, चिंतपुर, पृथ्वीपुर, बनकट, काटर वाली सहित अनेक गांवों के धान व गन्ने की फसल में पानी आ जाने से किसानों को अपनी फसल के खराब होने का भय सताने लगा है। इसके अलावा बिलासपुर-साढौरा मार्ग पर अजात आश्रम के निकट बह रही सरस्वती नदी में उफान आने से आश्रम को जाने वाले पुल पानी में पूरी तरह से डूब गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए बीडीपीओ दिनेश शर्मा, पंचायत अधिकारी सुशील शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच कर जेसीबी से पानी की निकासी करवाई। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुशील कुमार ने गांव संधाए, मुगलवाली, मछरौली, कपाल मोचन, रानीपुर, रणजीतपुर, सहित अनेक गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

जठलाना : इसी तरह गांव जठलाना के मेन बाजार अग्रवाल धर्मशाला के पास बारिश पानी जमा हो गया। दुकानदारों व राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गांव के वाजिद, पवन, सुरेश पाल नंबरदार, राम सिंह, चुन्नी लाल व इसरार अली ने बताया की अगर समय रहते गांव की नालियों व जोहड़ की सफाई कराई जाती तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती।

खिजराबाद : वहीं खिजराबाद में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के स्थानीय नदी उफान पर गई। वही हथनीकुंड बैराज पर भी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना की सहायक नदियों में मांग के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है। सुबह 8 बजे यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था और शाम तक यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह आठ बजे हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 22641 क्यूसेक दर्ज किया गया। उसके बाद नौ बजे 21858 क्यूसेक,10 बजे यमुना का जलस्तर बढ़कर 28827 क्यूसेक दर्ज किया गया व 11 बजे जलस्तर बढ़कर 31916 क्यूसेक दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम यमुना का जलस्तर 12 बजे दर्ज किया गया, जोकि 32916 क्यूसिक था। दोपहर 2 बजे यमुना का जलस्तर घटना शुरू हो गया था और 2 बजे जलस्तर घटकर 29478 क्यूसेक रह गया व 3 बजे 32398 और 4 बजे यमुना का जलस्तर 29147 क्यूसेक रह गया था 5 बजे यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की गई।

-नगर निगम के चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन का कहना है कि अचानक तेज बारिश से पानी की निकासी नहीं हो पाई। इस वजह से शहरी क्षेत्र में हालात बिगड़े हैं। मैं सुबह पांच बजे से अपनी पूरी टीम के साथ फिल्ड में हूं। जेसीबी की मदद से नालों में अटकी गंदगी निकाली जा रही है। जहां सीवर ओवरफ्लो हैं, वहां मैनुअल काम किया जा रहा है। पंप के द्वारा पानी निकाला जा रहा है। बारिश रुकते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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-स्थिति कंट्रोल में है और जिन कॉलोनियों में पानी घुस गया है। वहां अधिकारियों की टीम बनाकर भेज दी गई है तथा पानी को उतारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-गिरीश अरोड़ा, उपायुक्त।
फोटो-24 से 38 तक
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