शुगर मिल में 40 हजार किसानों के 136 करोड़ का भुगतान फंसा, किया प्रदर्शन
21 दिन में होना चाहिए भुगतान, 90 दिन बाद भी नहीं हुआ, अधिकारी बोले, चीनी की कीमत कम होने से आई दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिल में फंसी चार जिलों के करीब 40 हजार किसानों की 136 करोड़ रुपये की पेमेंट न मिलने पर किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। पेमेंट कराने में सरकार पर कोई प्रयास न करने का आरोप लगाते हुए किसानों ने यहां नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि लगभग तीन माह से पेमेंट न मिलने पर किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है। इससे धान व गन्ने की फसल में खाद व दवाई नहीं डाला जा रहा है। इससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों ने पेमेंट भुगतान के लिए डीसी गिरीश अरोड़ा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने सरकार को भुगतान कराने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया। तय समय अवधि में यदि किसानों की पूरी पेमेंट न हुई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करने व जाम लगाने की चेतावनी दी।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर के जिला अध्यक्ष रामबीर सिंह चौहान के नेतृत्व में जुटे। यहां किसानों ने सरस्वती शुगर मिल से 136 करोड़ की पेमेंट न होने पर चर्चा की। इसके बाद रोष मार्च निकालकर सचिवालय में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई। यहां से सभी किसान रोष मार्च निकालते हुए एनएच-73 से होकर सचिवालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन के बाद डीसी गिरीश अरोड़ा को सीएम खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि सरस्वती शुगर मिल ने किसानों के गन्ने का भुगतान 12 अप्रैल के बाद बंद कर दिया है। तीन माह से ज्यादा समय होने पर भी इस ओर न तो सरकार और न ही शुगर मिल की ओर से कोई प्रयास किया जा रहा है। इस कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
ब्याज पर कर्ज लेकर चला रहे खर्च
संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मीचंद, युवा प्रमुख विकास राणा, जिला प्रधान रामबीर चौहान, उपाध्यक्ष राजकुमार, सुरेश, सुदेश कांबोज, मदन सिंह, राजिंद्र सिंह, बिट्टू राणा, जितेंद्र, नायब सिंह, सुशील कुमार, नीरज, मोहकम सिंह, कुलदीप, विशाल, मोहन शर्मा, श्याम सिंह त्यागी, संदीप, अरविंद, मनीराम, प्रेमपाल, बलविंद्र सिंह आदि किसानों ने बताया कि पेमेंट न होने से उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। मौजूदा समय में धान व गन्ने की फसल में खाद, दवाई व कीटनाशक की जरूरत है। वहीं, इन्हीं दिनों किसान अपने बच्चों को स्कूल-कॉलेजों में दाखिल कराते हैं। गन्ने की रुकी पेमेंट से किसानों का सारा बजट बिगड़ गया है। कुछ किसान ब्याज पर पैसे लेकर गुजर बसर करने पर मजबूर हैं।
चार जिलों के 55 हजार किसानों की है बाउंडिंग, 90 प्रतिशत की नहीं हुई पेमेंट
भाकिसं के प्रधान रामबीर चौहान ने बताया कि सरस्वती शुगर मिले में यमुनानगर के साथ साथ इससे सटे अंबाला, कुरुक्षेत्र व करनाल जिले के करीब 55 हजार किसानों की बाउंडिंग है। इसमें से लगभग 90 प्रतिशत किसानों की पेमेंट तीन माह से रुकी हुई है। बता दें कि बीते साल भी मिल द्वारा किसानों की पेमेंट रोक ली गई थी। इसके बाद किसानों ने मिल यार्ड के बाहर धरना प्रदर्शन किया था और नेशनल हाईवे पर जाम भी लगाया था। इसके बाद सरकार के सहयोग से शुगर मिल ने किसानों की पेमेंट की थी।
सात दिन का अल्टीमेटम, पेमेंट न मिली तो सड़कों पर उतरेंगे किसान
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार को उनकी पेमेंट कराने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया। यदि इन सात दिनों में किसानों की पूरी पेमेंट नहीं कराई गई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। आंदोलन के तहत सड़कों पर जाम भी लगाया जा सकता है।
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चीनी के दाम कम होने पर किसानों का भुगतान नहीं हो पाया। भुगतान के लिए सरकार से बातचीत चल रही है। जल्द ही किसानों की पेमेंट करवा दी जाएगी।
- डीपी सिंह, वाइस प्रेजीडेंट, केन, शुगर मिल।
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भाकियू 18 को करेगी महापंचायत, लिया जाएगा आंदोलन का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। गन्ने के भुगतान को लेकर 18 जुलाई को यमुनानगर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने कमर कस ली। भाकियू प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदियाना व जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने किसानों के साथ सोमवार को गांव जयसिंह का माजरा, गुंदयानी, जमालपुर, महमुदपुर, झीवरहेड़ी, घड़ी सिकंदरा, भागु माजरा, खेड़ी लक्खासिंह, टोपरा, मंसुरपुर, बैंडी, खजूरी, नगला, झगुड़ी आदि गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को महापंचायत में पहुंचने का न्योता दिया। बाबुराम व संजू गुंदियाना ने कहा कि सरस्वती शुगर मिल द्वारा किसानों के गन्ने के भुगतान का लगभग 136 करोड़ रुपये न दिए जाने पर किसानों में रोष है। सरस्वती शुगर मिल द्वारा 12 अप्रैल से 26 मई तक शुगर मिल में किसानों द्वारा सप्लाई किए गए गन्ने का भुगतान नहीं किया है। गन्ने का भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक रूप से परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसान फसलों को तैयार करने के लिए आढ़ती से ब्याज पर पैसा लेकर गुजारा कर रहा है। इस अवसर पर संदीप टोपरा, जोगिन्द्र गुंदयाना, धर्मपाल, मोहनलाल सैनी, बलबीर झीवरहेड़ी, धर्मपाल महमुदपुर, सोनू, अनिल, कर्मबीर, सुरेशपाल, ईश्वरसिंह व विक्रम सिंह आदि मौजूद थे।
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