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कॉलेज में 90 रुपये में तैयार किए जा रहे एंटी रैगिंग एफिडेविट, रैगिंग करने वालों पर पुलिस की रहेगी पैनी नजर

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रैगिंग पर सख्ती, स्टूडेंट्स से लिए जा रहे हैं एफिडेविट
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कॉलेज में 90 रुपये में तैयार किए जा रहे एंटी रैगिंग एफिडेविट, रैगिंग करने वालों पर पुलिस की रहेगी पैनी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। केयू प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रैगिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं, जिन्हें कॉलेजों, विभागों, सेंटर्स, हॉल व हॉस्टल पर लागू किया गया है। कॉलेजों और विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का पालन कठोरता से करें। रैगिंग में दोषी पाए गए छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एक्ट 2013 के अंतर्गत कदम उठाने के लिए भी कहा गया है। जिसको लेकर शहर के कॉलेज हरकत में है। रैगिंग रोकने लिए कॉलेज प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर दी है। कॉलेजों में ही विद्यार्थियों के एंटी रैगिंग एफिडेविट बनवाए जा रहे हैं। जिसके लिए विद्यार्थी 90 रुपये का भुगतान कर रहे हैं। इसमें साफ साफ शब्दों में लिखा है कि छात्र किसी भी तरह की कोई रैगिंग नहीं करेगा। अगर कोई रैगिंग करता है तो इसका जिम्मेदार वह खुद ही रहेगा कानून के अनुसार उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। रैगिंग रोकने के लिए खासकर महिला कॉलेजों में पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। वहीं कुछ प्रतिबंधित इलाकों में निजी वाहनों पर भी रोक लगाई जाएगी।
एनसीसी व एनएसएस छात्राएं बनेंगी वालंटियर : रैगिंग करने वालों पर नजर रखने के लिए एंटी रैगिंग, डिसप्लीनरी कमेटी व विजिलेंस स्क्वायड सहित एनसीसी और एनएसएस के छात्रों को वालंटियर बनाया जाएगा। बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई जाएगी।
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डीएवी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. विभा गुप्ता ने बताया कि सभी छात्राओं से एफिडेविट भरवाएं जा रहे है। इसके अलावा भी ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित कर सभी छात्राओं को रैगिंग रोकने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। फिर भी कोई रैगिंग करता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फोटो नंबर 5
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