सफाई के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार, शहर में रात को भी सफाई शुरू
-पहले चरण में मुख्य बाजार और वे सड़कें चिह्नित की, जहां दिन में सफाई करने में आती है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर में नगर निगम कर्मचारी अब रात को भी सफाई करते नजर आएंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों पर नगर निगम अधिकारियों ने पायलट प्रोजेक्ट तैैयार किया है। इसके तहत प्रथम चरण में उन सड़कों व बाजारों को चिह्नित किया गया है, जहां दिन के समय सफाई करने में दिक्कत होती है। प्रदेश सरकार ने सीएम सिटी करनाल में रात के समय सफाई करने का अभियान शुरू किया था। वहां अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद अन्य शहरों में भी रात को सफाई का निर्णय लिया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में फिसड्डी : स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में यमुनानगर-जगाधरी को 313वां स्थान मिला। पिछली बार स्वच्छता के मामले में शहर 346 वें स्थान पर था। सर्विस लेवल प्रोग्रेस, डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन व सिटीजन फीडबैक में शहर का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। जिस कारण स्वच्छता रैंकिंग के लिए तय 4000 अंकों में से शहर को महज 1643 अंक ही मिल पाए। केंद्र सरकार से आई जांच टीम ने खुद शहर का मुआयना किया था।
सफाई पर हर साल 15 करोड़ खर्च : शहर की सफाई पर खर्च निरंतर बढ़ रहा है। हर महीने सफाई कार्यों पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहा है। सालाना करीब 15 करोड़ सफाई पर खर्च होता है। घरों से कूड़ा उठाने के लिए करीब 50 गाड़ी लगाई गई हैं। सफाई के लिए करीब सवा सात सौ कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें स्थायी अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि जनसंख्या के लिहाज से अभी साढ़े चार सौ कर्मचारी कम हैं।
वैक्यूम क्लीनर मशीन से होगी सफाई : शहर की सभी मुख्य सड़कों की सफाई वैक्यूम क्लीनर मशीन से करवाई जाएगी। निगम यह मशीन किराए पर लेगा। बाजारों में सफाई व्यवस्था किस तरह से लागू कर सकते हैं, इसका बेहतर निदान के लिए दुकानदार से भी बात की जा रही है। साथ ही बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सलाह लेकर सफाई व्यवस्था शुरू की जाएगी।
यह होगा फायदा : दरअसल बाजारों और मुख्य सड़कों पर भीड़भाड़ होने की वजह से सुबह के समय सफाई नहीं हो पाती। अगर निगम द्वारा प्रयास भी किया जाता है तो आंशिक तौर पर ही सफाई हो पाती है। इसका एक फायदा ये भी होगा कि दिन के समय उड़ने वाली धूल से फैलने वाली बीमारियों से भी राहत मिलेगी और सड़कों व गलियों की अच्छे से सफाई हो पाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत रात को सफाई का काम शुरू किया जा रहा है। इसे धीरे-धीरे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। दिन में अभी जिस तरह से सफाई हो रही है, वह निरंतर जारी रहेगी। बाजारों में अन्य कूड़ा प्वाइंट पर दिन में गंदगी रहती है। इसलिए रात को सबसे पहले यहीं से सफाई शुरू की जाएगी। अभी तीस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। धीरे-धीरे इसमें बढ़ोतरी की जाएगी।
- अनिल नैन, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम
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