बरसात से बरसाती नदी नाले उफान पर बहे
खिजराबाद। चिक्कन बरसाती नदी और खिल्लांवाला नदी का पानी आने पर तेज बहाव में शहजादवाला निवासी 40 वर्षीय दीपचंद की मौत के बाद नदी पार करने में ग्रामीण सहमे रहे। सुबह चार बजे से लगातार हो रही बरसात से बरसाती नदी नाले उफान पर बह रहे है। मजबूरी वश ग्रामीणों के पास इस नदी को पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचने का ओर कोई रास्ता नही था। स्कूली बसें भी स्कूली बच्चों को लेने के लिए नदी पार तक ही जा पाई। जहां पर अभिभावक अपने बच्चों को बाइक आदि पर छोड़ने के लिए आए थे। ग्रामीण भी नदी पार करने में सहमे नजर आए। ग्रामीण विकास, राकेश, बिरमपाल, सोनी कुमार आदि का कहना है कि नदी में गांव के युवक की मौत के बाद कई ग्रामीणों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते का प्रयोग किया। जोकि लगभग बीस किलोमीटर होकर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी आने का कोई समय निर्धारित नहीं है इसलिए अपने बचाव में ही भलाई है। नदी में पानी का तेज बहाव बरसात के इन दिनों में कभी भी आ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि ये जरूरी नही है कि बरसात के दिनों में ही बरसाती नदियों में पानी आए, पहाड़ी इलाकों में अधिक बरसात होने से भी ये बरसाती नदियां अपने उफान पर बहती हैं।
अगले दिन हुई बरसात में भी खिसके किनारे: बाढ़ बचाव कार्यों की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने शक जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदारों द्वारा सही ढंग से काम नहीं किया है। शहजादवाला और बनियांवाला में सिंचाई विभाग द्वारा लगावाए गए स्टडों के नीचे की जमीन धंस गई है। जमीन धंसने से सिंचाई विभाग द्वारा लगवाए गए स्टड पानी में बह जाएंगे और सरकार द्वारा करवाए गए बाढ़ राहत कार्यों का कोई फायदा नही होगा। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा सही तरीके से काम नहीं करवाया है जिससे कि बाढ़ राहत कार्य बरसात की एक मार भी नही झेल पाए और धंस गए। इससे विभाग द्वारा मिलीभगत कर कार्य को जल्दी जल्दी में निपटाने की क्रिया अपनाई गई है।
बनियांवाला के सरपंच अंकित का कहना है कि विभाग द्वारा जहां पर पटरी बनाई जानी थी। वहां पर खुदाई करके स्टड लगवाए गए और जहां पर जरूरत नही थी वहां पर पटरी की खुदाई करवाकर स्टड लगा दिए। जोकि बरसात की एक मार भी नही झेल पाए।
उधर दौलतपुर में भी अभी काम नहीं हुआ पूरा और ग्रामीणों ने पटरी बनाने का किया विरोध: दौलतपुर में भी अभी बाढ़ राहत कार्य पूरा नहीं हुआ है। बरसात आने पर काम को रोक दिया गया था। दौलतपुर गांव के ग्रामीण मुस्ताकीम, निसार, सुलेमान, वलिया, मुंशी आदि का कहना है कि विभाग द्वारा जहां पर पटरी का निर्माण किया जा रहा है। वहां पर पानी के बहाव का अधिक असर नहीं होता है। लेकिन जहां पर पानी के तेज बहाव का असर पड़ता है। वहां पर विभाग द्वारा पटरी नही बनाई जा रही है। ग्रामीणों ने विभाग द्वारा बनाई जा रही पटरी पर काम भी रुकवा दिया था और बन रही पटरी का विरोध भी किया था।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां पर पानी का तेज बहाव है वहां पर विभाग द्वारा मिट्टी की ढांग खड़ी करने से पानी के तेज बहाव को नहीं रोका जा सकता। अधिक बरसात आने पर ही वहां पर पानी का तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले जाएगा और सारा पानी गांव में घुसकर तबाही मचा देगा। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि पानी के तेज बहाव वाले स्थान पर भी पत्थरों के स्टड लगवाकर उसे पक्का करवाया जाए। बरसाती नदियों में पानी का तेज बहाव आने से दौलतपुर में बाढ़ राहत के कार्य की सामग्री तो पानी में बह गई। ठेकेदार द्वारा एकत्र किया गया पत्थर पानी में बह गया।
विभाग का बाढ़ राहत का काम देख रहे एसडीओ सुभाष का कहना है कि दौलतपुर में ग्रामीणों की मांग पर वहां उच्चाधिकारियों द्वारा दौरा किया जाना है और जो भी ग्रामीणों की मांग होगी, उसी हिसाब से काम करवा दिया जाएगा। विभाग गांवों की बाढ़ से सुरक्षा के लिए तत्पर है।